खटीमा में दर्दनाक हादसा: नहर में डूबने से 12 वर्षीय बालक की मौत, 3 घंटे बाद मिला शव

खटीमा (ऊधम सिंह नगर)- ऊधम सिंह नगर जिले के खटीमा क्षेत्र में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसा हो गया। घर के पास स्थित नहर में दोस्तों के साथ नहाने गए 12 वर्षीय बालक की तेज बहाव में डूबने से मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस, पीएसी और ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से करीब तीन घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया। काफी मशक्कत के बाद बालक का शव नहर से बरामद किया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
जानकारी के अनुसार, प्रतापपुर नंबर-7 जोगीठेर निवासी जसवंत सिंह उर्फ हैप्पी (12) बुधवार शाम अपने दो साथियों के साथ घर के पास स्थित नहर में नहाने गया था। नहाते समय अचानक तीनों बच्चे नहर के तेज बहाव की चपेट में आ गए और बहने लगे। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर दौड़े।
स्थानीय लोगों ने बचाई दो बच्चों की जान
नहर के किनारे मौजूद बंगाली समुदाय के लोगों ने बिना देर किए पानी में छलांग लगा दी। उन्होंने बह रहे दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन जसवंत तेज बहाव में बह गया। घटना की सूचना तत्काल ग्राम प्रधान गुरसेवक सिंह ने प्रतापपुर चौकी पुलिस को दी।
पुलिस, पीएसी और ग्रामीणों ने चलाया सर्च अभियान
सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी राजेंद्र पंत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। बालक की तलाश के लिए पीएसी की टीम को भी बुलाया गया। पुलिस, पीएसी और ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से करीब तीन घंटे तक नहर में सर्च अभियान चलाया। काफी खोजबीन के बाद घटनास्थल से कुछ दूरी पर जसवंत का शव नहर से बरामद किया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
रेस्क्यू टीम ने बालक को तत्काल उप जिला चिकित्सालय खटीमा पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। गुरुवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
मासूम बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे प्रतापपुर नंबर-7 जोगीठेर गांव में शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने प्रशासन से नहर के किनारे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और बरसात के मौसम में लोगों को जागरूक करने की मांग की है। वहीं पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान तेज बहाव वाली नहरों, नदियों और जलाशयों में न उतरें तथा बच्चों को ऐसे स्थानों पर अकेले न जाने दें।








