नौकरी का झांसा देकर डंकी रूट से म्यांमार ले गए दो युवक, साइबर ठगी और बंधक बनाने का मामला दर्ज

देहरादून न्यूज़- उत्तरकाशी के दो युवकों को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर डंकी मार्ग से म्यांमार ले जाकर अवैध रूप से बंधक बनाए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। किसी तरह वहां से जान बचाकर भागे पीड़ितों ने एक एनजीओ की मदद से भारत वापसी की। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने दो आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ निवासी यशपाल बिष्ट ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति काफी समय से खराब चल रही थी। जून 2025 में उनकी मुलाकात उत्तरकाशी निवासी मित्र कन्हैया बिल्जवाण से हुई। बातचीत के दौरान यशपाल ने अपनी परेशानी बताई तो कन्हैया ने विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा दिया और दिल्ली में रहने वाले अपने चाचा केशव बिल्जवाण से संपर्क कराने की बात कही।
पीड़ित के अनुसार, केशव बिल्जवाण ने व्हाट्सएप पर संपर्क कर बताया कि वह विदेशों में नौकरी दिलाने का काम करता है। पासपोर्ट होने पर जल्द विदेश भेजने की बात कही गई। अंग्रेजी न आने की बात कहने पर केशव ने ट्यूशन लगाने की सलाह दी। इसके बाद जूम एप के जरिए इंटरव्यू का लिंक भेजा गया, जिसमें केशव समेत दो विदेशी नागरिक शामिल थे और अंग्रेजी में इंटरव्यू लिया गया।
कुछ दिनों बाद 26 जून 2025 की दिल्ली से बैंकाक की फ्लाइट का टिकट भेजकर यशपाल को दिल्ली बुलाया गया। 25 जून को यशपाल अपने दोस्त मनीष पंवार और कन्हैया के साथ दिल्ली पहुंचे, जहां केशव बिल्जवाण ने उनसे टिकट के नाम पर प्रति व्यक्ति 13-13 हजार रुपये लिए। 26 जून को केशव उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट छोड़कर चला गया।
बैंकाक पहुंचने पर एक व्यक्ति उन्हें लेने आया और मैसोट ले गया, जहां एक होटल में ठहराया गया। पीड़ित को हालात संदिग्ध लगे, लेकिन शिवम नाम के व्यक्ति ने डरने की जरूरत नहीं बताई। 28 जून को उन्हें काम पर बुलाया गया और फेसबुक एडिटिंग सिखाने के नाम पर फर्जी फेसबुक आईडी बनाने और उन पर अलग-अलग फोटो अपलोड करने का काम दिया गया।
कुछ दिन काम करने के बाद जब पीड़ितों ने आपराधिक गतिविधि का शक होने पर काम से इनकार किया तो उन्हें प्रताड़ित किया जाने लगा। कई दिनों तक एक ही भवन में बंद कर रखा गया। पीड़ित ने बताया कि पूरा ऑफिस चीन के लोगों के नियंत्रण में था। बाद में इलाके में आर्मी के साथ लड़ाई शुरू होने पर चीनी नागरिक वहां से भाग गए। इसी का फायदा उठाकर दोनों युवक वहां से किसी तरह फरार हो गए।
म्यांमार में भटकते हुए उन्हें एक एनजीओ के बारे में जानकारी मिली, जहां वे करीब एक माह तक रुके। बाद में भारतीय दूतावास की मदद से उन्हें सुरक्षित भारत लाया गया।
एसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर आरोपित केशव बिल्जवाण और शिवम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जाएगी।








