उत्तराखण्डगढ़वाल,

उत्तराखंड- (बड़ी खबर) यहाँ प्राथमिक विद्यालय में छात्राओं से झाड़ू और टॉयलेट साफ कराने का वीडियो वायरल, शिक्षा विभाग ने बैठाई जांच

हरिद्वार न्यूज़– शहर कोतवाली क्षेत्र के निकट स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में महिला शिक्षिका द्वारा छोटी छात्राओं से झाड़ू लगवाने और शौचालय साफ कराने का मामला सामने आया है। घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अभिभावकों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया है।

 

वायरल वीडियो में दो नाबालिग छात्राएं स्कूल परिसर और कक्षा में झाड़ू लगाती दिखाई दे रही हैं। आरोप है कि उनसे विद्यालय का शौचालय भी साफ कराया गया। वीडियो में एक महिला शिक्षिका की मौजूदगी भी नजर आ रही है, लेकिन उन्होंने छात्राओं को रोकने के बजाय उनसे काम जारी रखने दिया।

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क्या है मामला?
बताया जा रहा है कि यह वीडियो 6 फरवरी का है। उसी दिन जिलाधिकारी के निर्देश पर हरिद्वार में स्वच्छता अभियान चलाया गया था। संबंधित विद्यालय (स्कूल नंबर 34) में भी सफाई अभियान चल रहा था। स्कूल स्टाफ का कहना है कि उस दिन विद्यालय में कोई स्थायी सफाई कर्मचारी मौजूद नहीं था, इसलिए शिक्षक और अन्य कर्मचारी स्वयं सफाई कार्य में जुटे थे।

 

हालांकि, बच्चों से झाड़ू और टॉयलेट साफ कराना बाल अधिकारों का उल्लंघन माना जा रहा है, जिससे मामला गंभीर हो गया है।

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शिक्षा विभाग हरकत में
वीडियो सामने आते ही शिक्षा विभाग में खलबली मच गई। जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) अमित कुमार चंद ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच टीम गठित कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि शिक्षा के मंदिर में बच्चों से इस प्रकार का कार्य कराना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

 

प्राथमिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित शिक्षिका और जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

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अभिभावकों में रोष
घटना के बाद अभिभावकों ने कड़ी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि बच्चों को शिक्षा देने के बजाय उनसे सफाई कार्य कराना गलत है। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

 

फिलहाल शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।