उत्तराखण्डगढ़वाल,

उत्तराखंड- गंगा स्नान के दौरान हुए हादसों में चार लोगों की जान गई

ऋषिकेश न्यूज़- तीर्थनगरी ऋषिकेश में गंगा स्नान के दौरान हुए अलग-अलग हादसों में चार पर्यटकों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में दिल्ली से आया एक दंपती, मध्य प्रदेश का एक युवक और उत्तर प्रदेश का एक युवक शामिल है। SDRF ने लगातार सर्च ऑपरेशन चलाकर सभी शव बरामद कर लिए हैं। इनमें से तीन शव पशुलोक बैराज के चैनल से निकाले गए।

 

 

मृतकों की पहचान दिल्ली के उत्तम नगर निवासी मनीष आर्य (30) और उनकी पत्नी जानकी (28), मध्य प्रदेश के ग्वालियर निवासी शैलेंद्र महावर (30) तथा उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर निवासी शौर्य नागर (20) के रूप में हुई है।

 

 

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दंपती को बचाने कूदा युवक भी डूबा

जानकारी के अनुसार, दिल्ली के उत्तम नगर (जय विहार, नांगली) निवासी मनीष आर्य अपनी पत्नी जानकी और साथियों के साथ ऋषिकेश घूमने आए थे। 14 जून को चंद्रेश्वर घाट पर गंगा स्नान के दौरान दंपती अचानक तेज बहाव की चपेट में आकर बह गए।

 

 

दोनों को बचाने के लिए उनके साथी और ग्वालियर निवासी शैलेंद्र महावर ने नदी में छलांग लगा दी, लेकिन वह भी तेज धारा में फंसकर डूब गए। बताया जा रहा है कि शैलेंद्र की दो महीने बाद शादी होने वाली थी।

 

 

साईं घाट पर डूबा गौतम बुद्ध नगर का युवक

एक अन्य घटना में गौतम बुद्ध नगर के बिसरख जलालपुर निवासी 20 वर्षीय शौर्य नागर अपने सात दोस्तों के साथ ऋषिकेश आया था। मुनिकीरेती क्षेत्र स्थित साईं घाट पर स्नान के दौरान वह गंगा में तैरने लगा, लेकिन तेज बहाव के कारण नदी में डूब गया।

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SDRF ने चलाया लगातार सर्च अभियान

घटनाओं की सूचना मिलने के बाद SDRF की डीप डाइविंग टीम आधुनिक उपकरणों के साथ लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटी रही। 16 जून को टीम ने सबसे पहले पशुलोक बैराज क्षेत्र से जानकी का शव बरामद किया था।

 

 

इसके बाद शुक्रवार को SDRF की टीम को पशुलोक बैराज के चैनल में तीन और शव दिखाई दिए। चैन मशीन की मदद से बेहद सावधानी के साथ तीनों शवों को बाहर निकाला गया।

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परिजनों ने की शवों की पहचान

मौके पर बुलाए गए परिजनों ने शवों की पहचान की। इनमें मनीष आर्य, शैलेंद्र महावर और शौर्य नागर के शव शामिल थे। पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद SDRF ने शवों को स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया।

 

 

पुलिस ने पंचनामा भरकर सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटकों की सतर्कता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।