उत्तराखंड- निहंग सिखों का नगरासू गुरुद्वारे पर कब्जा, सेवादार को बनाया बंधक; कर्णप्रयाग में धारा 163 लागू, इंटरनेट सेवाएं बंद

चमोली जिले के कर्णप्रयाग में बीते मंगलवार को निहंग सिखों और स्थानीय युवकों के बीच हुए विवाद के बाद क्षेत्र में तनाव लगातार बना हुआ है। शनिवार देर शाम विवाद ने नया मोड़ ले लिया, जब पंजाब से आए कुछ निहंग सिखों द्वारा रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारे पर कब्जा करने और एक सेवादार को बंधक बनाने की सूचना सामने आई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, निहंग सिखों का आरोप है कि गुरुद्वारा प्रबंधन ने कर्णप्रयाग में हुई घटना को लेकर उनका खुलकर समर्थन नहीं किया। इसी नाराजगी के चलते कुछ निहंग सिख नगरासू गुरुद्वारे पहुंच गए और वहां अपना कब्जा जमा लिया।
गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) राजीव स्वरूप ने बताया कि प्रशासन और पुलिस हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि जिस सेवादार को शनिवार को निहंग सिखों द्वारा पकड़े जाने की सूचना मिली थी, वह अभी भी उनके कब्जे में बताया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारी मौके के लिए रवाना हो गए हैं।
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। साथ ही ITBP और PAC की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गई हैं। वहीं कर्णप्रयाग क्षेत्र में प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी है, जिसके तहत किसी भी स्थान पर लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
गौरतलब है कि चमोली जिले में स्थित श्री हेमकुंड साहिब देश-विदेश से आने वाले सिख श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। नगरासू और कर्णप्रयाग क्षेत्र इसी यात्रा मार्ग पर पड़ते हैं। ऐसे में इस विवाद को लेकर राज्य सरकार और प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहे हैं।
घटनाक्रम के बाद उत्तराखंड का गृह विभाग भी सक्रिय हो गया है और लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं तथा मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के प्रयास जारी हैं।








