न्यू ईयर बधाई के नाम पर साइबर ठगी का खतरा, लिंक और APK फाइल से खाली हो सकते हैं बैंक खाते

थर्टी फर्स्ट और नव वर्ष नजदीक आते ही सोशल मीडिया और इंटरनेट मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर एक-दूसरे को बधाई संदेश भेजने का सिलसिला तेज हो गया है। इसी का फायदा उठाकर साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। ठग बधाई संदेश के साथ लिंक या एपीके (APK) फाइल भेज रहे हैं, जिन पर क्लिक करते ही मोबाइल हैक हो सकता है और कुछ ही समय में बैंक खाते से रकम साफ हो सकती है।
वर्तमान समय में अधिकतर काम ऑनलाइन होने लगे हैं। इसी ऑनलाइन व्यवस्था का दुरुपयोग कर साइबर ठग लोगों को अलग-अलग तरीकों से निशाना बना रहे हैं। ऑनलाइन शॉपिंग, नेट बैंकिंग, गेम डाउनलोड, फर्जी आईडी, हेल्पलाइन कॉल, जीवन प्रमाण पत्र, केवाईसी अपडेट के नाम पर ठगी के साथ ही फेसबुक पर महिला बनकर दोस्ती का प्रस्ताव और व्हाट्सएप हैक होने का डर दिखाकर भी लोगों से पैसे ऐंठे जा रहे हैं। पुलिस लगातार लोगों को जागरूक कर रही है, लेकिन इसके बावजूद साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को ठगने में लगे हुए हैं।
नया साल आने में अब कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे में लोग सोशल मीडिया के जरिए एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं भेज रहे हैं। इसी दौरान साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं और बधाई संदेश के बहाने लिंक या एपीके फाइल भेजकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति ऐसे लिंक या फाइल पर क्लिक करता है, उसका मोबाइल हैक हो सकता है और साइबर अपराधी उसके बैंक खाते से पैसे निकाल सकते हैं।
इस संभावित खतरे को देखते हुए जिला पुलिस और साइबर थाना पुलिस ने अभी से लोगों को सतर्क और जागरूक करना शुरू कर दिया है। पुलिस सोशल मीडिया के साथ-साथ विभिन्न स्थानों पर कार्यशालाओं के माध्यम से लोगों को साइबर अपराध से बचाव की जानकारी दे रही है।
इन बातों का रखें ध्यान
इंटरनेट मीडिया पर अंजान नंबर से आए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें
अंजान नंबर से भेजी गई एपीके (APK) फाइल डाउनलोड न करें
सोशल मीडिया और इंटरनेट का उपयोग पूरी सावधानी से करें
किसी भी तरह का संदेह होने पर नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराएं
वित्तीय साइबर अपराध होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करें
एसएसपी ऊधम सिंह नगर मणिकांत मिश्रा ने बताया कि साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों से ठगी कर रहे हैं। नववर्ष की बधाई के नाम पर अंजान नंबरों से आने वाले लिंक और एपीके फाइल पर बिल्कुल भी क्लिक न करें। किसी भी वित्तीय साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत 1930 नंबर पर सूचना दें। पुलिस और साइबर सेल द्वारा लोगों को जागरूक करने का अभियान लगातार जारी है।








