उत्तराखण्डगढ़वाल,

उत्तराखंड- यहाँ फरसा लहराकर बकरे के सामने डांस करने का वीडियो वायरल, होली के जश्न पर उठे सवाल

हरिद्वार जिले के बुग्गावाला थाने से एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मी थाने के अंदर होली का जश्न मनाते हुए दिखाई दे रहे हैं। करीब 51 सेकंड के इस वायरल वीडियो में एक पुलिसकर्मी हाथ में धारदार फरसा लेकर डांस करता नजर आ रहा है और सामने खड़े एक बकरे की ओर फरसा लहराता दिखाई देता है। वीडियो में बैकग्राउंड में ‘पहाड़ों’ गाना बज रहा है और एक पुलिसकर्मी बकरे की गर्दन पकड़े हुए भी दिख रहा है।

 

 

बताया जा रहा है कि यह वीडियो होली के दिन का है, जब बुग्गावाला थाने में जश्न का माहौल था। इसी दौरान किसी पुलिसकर्मी ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड- सीएम धामी ने 236 अभ्यर्थियों को प्राथमिक सहायक अध्यापक के सौंपे नियुक्ति पत्र, कहा- अब तक दीं 16 हजार सरकारी नौकरियां

 

वीडियो में थाने के अंदर 20 से ज्यादा पुलिसकर्मी मौजूद नजर आ रहे हैं। इनमें महिला पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जो गाने की धुन पर डांस करती दिखाई दे रही हैं। वहीं थाने के परिसर में खड़ी एक पिकअप गाड़ी में बड़े-बड़े डीजे स्पीकर भी लगे हुए दिख रहे हैं, जिनसे तेज आवाज में गाना बज रहा है।

 

विवाद की वजह
इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। सबसे बड़ा विवाद पुलिसकर्मी द्वारा थाने के अंदर धारदार हथियार (फरसा) लहराने को लेकर है। जिम्मेदार पद पर तैनात पुलिसकर्मी का इस तरह से हथियार का प्रदर्शन करना कानून और मर्यादा के खिलाफ माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी- ऑटो/ ई-रिक्शा के बाद अब होगा टैक्सी बाइक का सत्यापन, बनेगी SOP, और ऐसे ई-रिक्शा/ऑटो चालक जिन्होंने सत्यापन नहीं कराया, उनके विरुद्ध कार्यवाही के निर्देश

 

दूसरी ओर, वीडियो में बकरे के सामने फरसा लहराने के दृश्य को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कई लोग इसे संभावित बलि या पशु क्रूरता से जोड़कर देख रहे हैं, जिससे विवाद और गहरा गया है।

 

इसके अलावा सरकारी परिसर और ड्यूटी के स्थान पर इस तरह जश्न मनाने और अनुशासनहीन व्यवहार को भी पुलिस नियमों और वर्दी की गरिमा के खिलाफ बताया जा रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  नैनीताल- यहाँ नाबालिग को बाइक देने में वाहन स्वामी पर केस

 

सोशल मीडिया पर बटी राय
वीडियो वायरल होने के बाद लोगों की राय दो हिस्सों में बंटती नजर आ रही है। कुछ स्थानीय लोग इसे पहाड़ी परंपरा या होली के उत्सव का हिस्सा बताकर बचाव कर रहे हैं, जबकि कई लोग इसे पुलिस की गरिमा के विपरीत और अनुशासनहीनता का उदाहरण बता रहे हैं।

 

अब सवाल उठ रहा है कि जब कानून की रक्षा करने वाले ही थाने के अंदर इस तरह हथियार लहराते नजर आएंगे, तो आम जनता में कानून व्यवस्था को लेकर क्या संदेश जाएगा।