विकसित भारत ग्राम रोजगार योजना मनरेगा से अधिक पारदर्शी व प्रभावी: डॉ. मोहन सिंह बिष्ट

लालकुआं न्यूज़– विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट ने मंडल महामंत्री डॉ. राजकुमार सेतिया के आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में वीवीजी राम (अब विकसित भारत ग्राम रोजगार योजना) को लेकर केंद्र सरकार की मंशा स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि यह योजना हर दृष्टि से मनरेगा के मुकाबले अधिक पारदर्शी, प्रभावी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने वाली है।
डॉ. बिष्ट ने बताया कि मनरेगा में बड़े बजट के बावजूद फर्जीवाड़े की शिकायतें सामने आती रही हैं, जबकि विकसित भारत ग्राम रोजगार योजना में पारदर्शिता को प्राथमिकता दी गई है। पहले न्यूनतम 100 दिनों के रोजगार को बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। समय पर भुगतान न होने की स्थिति में पेनल्टी का प्रावधान भी किया गया है।
उन्होंने बजट का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2006 से 2014 तक मनरेगा का बजट लगभग 2 लाख करोड़ रुपये था, इसके बाद यह बढ़कर 8 लाख 48 हजार करोड़ रुपये हुआ और अब कुल 10 लाख 98 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। इस दौरान करीब 11 लाख फर्जी मामलों को पकड़ा गया है।
विधायक ने बताया कि अब पंचायतों को यह अधिकार दिया गया है कि वे अपनी पंचायत में आवश्यक कार्य स्वयं तय करें। प्राकृतिक जल संरक्षण, स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्य, और क्षेत्र विशेष की मांग के अनुसार योजनाओं का चयन किया जाएगा। पंचायतों के हिस्से में आने वाली राशि को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है। फसल के पीक समय में मनरेगा के अंतर्गत कार्य नहीं कराए जाएंगे, ताकि कृषि कार्य प्रभावित न हों।
प्रेस वार्ता के दौरान मंडल अध्यक्ष अरुण जोशी, नवीन पपोला, सांसद प्रतिनिधि लक्ष्मण खाती, विधायक प्रतिनिधि गोविन्द राणा, बॉबी संभल, हरीश नैनवाल, सचिन अग्रवाल, अरुण बाल्मीकि, विनोद श्रीवास्तव, ओमपाल कश्यप, नारायण सिंह बिष्ट और पंकज सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।








