उत्तराखण्डकुमाऊं,गढ़वाल,

देहरादून- प्रदेश में अप्रैल 2026 से शुरू होगा वर्चुअल रजिस्ट्रेशन सिस्टम, बिना दस्तावेज के हो सकेगी जमीन की रजिस्ट्री

देहरादून न्यूज़– उत्तराखंड में संपत्तियों की खरीद-बिक्री को पारदर्शी और आसान बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में वर्चुअल रजिस्ट्रेशन सिस्टम की व्यवस्था एक अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी। इस नई व्यवस्था के तहत लोग रजिस्ट्रार कार्यालय में बिना किसी दस्तावेज (पेपरलेस) उपस्थित होकर या फिर पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से अपनी भूमि या संपत्ति की रजिस्ट्री करा सकेंगे।

यह भी पढ़ें 👉  रुद्रपुर में प्रशासन की बड़ी कार्यवाही, आधी रात को ध्वस्त की गई दशकों पुरानी दरगाह

 

 

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में इस व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने कहा कि इस परियोजना से भूमि क्रय-विक्रय में पारदर्शिता बढ़ेगी और इससे संबंधित विवादों में भी कमी आएगी।

 

 

उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि परियोजना को समय पर लागू करने के लिए सभी हितधारकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। अधिकारियों ने बताया कि वर्चुअल रजिस्ट्रेशन के लिए आवश्यक एप्लीकेशन तैयार की जा चुकी है, जिसे बैठक में मिले मार्गदर्शन के अनुसार आंशिक रूप से संशोधित किया जाएगा। इसके बाद परियोजना के लिए जरूरी ढांचागत सुविधाओं की टेंडरिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी- महिला से दुष्कर्म का आरोपी दुग्ध संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा हुआ गिरफ्तार, पुलिस ने यहाँ से पकड़ा

 

 

🔹 तीन विकल्पों में होगा रजिस्ट्रेशन

अधिकारियों ने बताया कि इस पोर्टल पर तीन विकल्प उपलब्ध रहेंगे—

1. भौतिक उपस्थिति: पारंपरिक तरीके से रजिस्ट्रार कार्यालय जाकर रजिस्ट्रेशन।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी-(बड़ी खबर) यहाँ एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल ने स्पा सेंटर में की ताबड़तोड़ छापेमारी, बंद होंगे 13 स्पा सेंटर, डीएम को भेजी रिपोर्ट

2. पेपरलेस रजिस्ट्रेशन: रजिस्ट्रार कार्यालय में बिना किसी दस्तावेज के रजिस्ट्रेशन।

3. वर्चुअल रजिस्ट्रेशन: पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से भूमि या संपत्ति की रजिस्ट्री।

 

 

बैठक में सचिव दिलीप जावलकर, अपर सचिव सोनिका और आलोक कुमार पांडेय, सहायक महानिरीक्षक निबंधक अतुल शर्मा, तथा उपसचिव सुनील सिंह भी उपस्थित रहे।