WhatsApp Scam: बैंक से आया ‘50 हजार रुपये डेबिट’ का मैसेज पड़ सकता है भारी, ‘NO’ का जवाब देते ही खाते से उड़ गए 1.70 लाख

साइबर ठगी का नया तरीका सामने आया है। जालसाज अब व्हाट्सऐप पर बैंकिंग ट्रांजेक्शन का फर्जी अलर्ट भेजकर लोगों को जवाब देने के लिए उकसा रहे हैं। अगर आपके पास भी किसी अनजान नंबर से मैसेज आए कि आपके बैंक खाते से 50 हजार रुपये या किसी अन्य रकम का ट्रांजेक्शन हुआ है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे संदिग्ध मैसेज का कोई जवाब नहीं देना चाहिए।
‘ट्रांजेक्शन नहीं किया तो NO लिखें’… और हो गई ठगी
साइबर जालसाज पहले व्हाट्सऐप पर मैसेज भेजते हैं कि आपके बैंक खाते से कोई बड़ी रकम डेबिट हुई है। जब सामने वाला जवाब नहीं देता तो जालसाज दूसरा मैसेज भेजकर कहते हैं कि अगर आपने यह ट्रांजेक्शन नहीं किया है तो ‘NO’ लिखकर जवाब दें। साइबर अपराधियों द्वारा इसी तरीके से एक चार्टर्ड अकाउंटेंट को निशाना बनाए जाने का मामला सामने आया है।
बताया गया कि सीए ने व्हाट्सऐप पर आए इस मैसेज का जवाब ‘NO’ में दे दिया। इसके बाद उनके खाते से करीब 1.70 लाख रुपये की रकम निकल गई। मामले की जानकारी मिलने के बाद क्राइम ब्रांच की अपर पुलिस उपायुक्त किरन यादव ने लोगों को इस तरह के संदिग्ध संदेशों से सावधान रहने की सलाह दी है।
ठगी के तरीके में बदलाव, अब ‘YES/NO’ मैसेज का सहारा
अब तक साइबर ठगी के मामलों में जालसाज अक्सर एपीके फाइल का लिंक भेजकर, फर्जी लिंक पर क्लिक करवाकर या ओटीपी और बैंकिंग जानकारी हासिल करके लोगों को निशाना बनाते थे। अब बैंकिंग ट्रांजेक्शन के नाम पर व्हाट्सऐप मैसेज भेजकर लोगों से YES/NO में जवाब मांगने का तरीका भी सामने आया है।
ऐसे में किसी भी अनजान नंबर से आए बैंकिंग अलर्ट को देखकर घबराकर प्रतिक्रिया देने के बजाय पहले अपने बैंक के आधिकारिक मोबाइल ऐप या वेबसाइट पर जाकर खाते की वास्तविक स्थिति जांचें।
इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- अनजान नंबर से आए किसी भी बैंकिंग ट्रांजेक्शन अलर्ट पर तुरंत विश्वास न करें।
- व्हाट्सऐप पर आए संदिग्ध YES/NO मैसेज का जवाब न दें।
- किसी अनजान लिंक, एपीके फाइल या अटैचमेंट को न खोलें और न ही डाउनलोड करें।
- खाते में हुए वास्तविक ट्रांजेक्शन की जानकारी बैंक के आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से ही लें।
- OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV या अन्य बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
- मोबाइल में कोई संदिग्ध एप्लीकेशन या फाइल इंस्टॉल न करें।
- साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज करें।








