उत्तराखण्डकुमाऊं,

नैनीताल में वन्यजीव तस्करी का भंडाफोड़, दो तेंदुओं की खाल और हड्डियों के साथ तस्कर गिरफ्तार

नैनीताल न्यूज़– जिले में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत वन विभाग और उत्तराखंड एसटीएफ को बड़ी सफलता हाथ लगी है। संयुक्त टीम ने पंगोट रोड से एक वन्यजीव तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से दो तेंदुओं की खाल और भारी मात्रा में हड्डियां बरामद की हैं।

 

शुक्रवार को मुखबिर से मिली गोपनीय सूचना के आधार पर डीएफओ आकाश गंगवार और एसडीओ ममता चंद के निर्देश पर वन विभाग की टीम ने उत्तराखंड एसटीएफ के साथ मिलकर पंगोट रोड पर गश्त अभियान चलाया। इस दौरान पॉलिटेक्निक कॉलेज से लगभग 300 मीटर आगे सड़क किनारे एक संदिग्ध व्यक्ति नजर आया। टीम को देखते ही वह व्यक्ति भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन सतर्कता दिखाते हुए टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।

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तलाशी के दौरान आरोपी के पास मौजूद एक कट्टे से दो तेंदुओं की खाल और हड्डियां बरामद हुईं। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह इन वन्यजीव अंगों को तस्करी के लिए ले जा रहा था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान कपकोट, बागेश्वर निवासी महेश सिंह कपकोटी के रूप में हुई है।

 

डीएफओ आकाश गंगवार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बरामद तेंदुए की खाल और हड्डियों के लगभग छह माह पुराने होने की संभावना जताई जा रही है। उन्होंने बताया कि बागेश्वर क्षेत्र से लंबे समय से वन्यजीव अंगों की तस्करी की सूचनाएं मिल रही थीं, जिस पर गोपनीय रूप से टीम को सक्रिय किया गया था।

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आरोपी इन खालों को किसी बाहरी पार्टी को बेचने के लिए नैनीताल पहुंचा था, लेकिन इससे पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

 

पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से वन्यजीव तस्करी में लिप्त रहा है। फिलहाल उससे यह जानकारी जुटाई जा रही है कि तेंदुओं का शिकार कब, कहां और किस वन क्षेत्र में किया गया। साथ ही तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी की जा रही है।

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वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेंदुआ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-एक में शामिल संरक्षित प्रजाति है। इसका शिकार और अवैध व्यापार गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। आरोपी के खिलाफ नगरपालिका फॉरेस्ट रेंज नैनीताल में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अभियुक्त को शनिवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

 

इस कार्रवाई में वन क्षेत्राधिकारी नगरपालिका रेंज ललित मोहन कार्की, वन क्षेत्राधिकारी जू आनंद लाल, वन दरोगा विमला नगरकोटी, सौरभ, वन आरक्षी राजेंद्र कुमार वर्मा, गोविंद सिंह समेत नैना और नगरपालिका रेंज की टीम शामिल रही।