उत्तराखण्डकुमाऊं,गढ़वाल,

उत्तराखंड में बारिश से बिगड़े हालात, बद्रीनाथ हाईवे 30 मीटर वॉशआउट; पहाड़ों में यलो अलर्ट, कई सड़कें बंद

देहरादून न्यूज़- उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में देर रात से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में भूस्खलन और सड़कें क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आई हैं। चमोली में बद्रीनाथ हाईवे पर जोशीमठ-मरवाड़ी पुल से आगे हाथीपहाड़ के पास सड़क करीब 30 मीटर तक वॉशआउट हो गई है। हाईवे बंद होने से बद्रीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब की यात्रा प्रभावित हुई है। मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है।

 

 

बद्रीनाथ हाईवे वॉशआउट, यात्रा प्रभावित

चमोली में बारिश के कारण बद्रीनाथ हाईवे पर हाथीपहाड़ के पास सड़क का बड़ा हिस्सा बह गया है। सड़क करीब 30 मीटर तक वॉशआउट होने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ है। हाईवे बंद होने के कारण बद्रीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और संबंधित विभाग सड़क को सुचारू करने के प्रयास में जुटे हैं।

 

 

निजमुला मार्ग बंद, सुतोल में मकानों में दरारें

चमोली जिले में ही भूस्खलन के कारण निजमुला मार्ग भी बंद हो गया है। वहीं, सुतोल गांव में भू-धंसाव से करीब 10 मकानों में दरारें आने की सूचना है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्र पर लगातार नजर रखी जा रही है और स्थिति का जायजा लिया जा रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  देहरादून- UKPSC ने 526 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन किया जारी, देखिए पूरी डिटेल

 

 

पिथौरागढ़ में लैंडस्लाइड से सड़क बंद

पिथौरागढ़ में भी बारिश के बीच आज सुबह लैंडस्लाइड हुई। एलागाड़ के पास मलबा आने से धारचूला-गुंजी सड़क बंद हो गई है। पहाड़ी मार्गों पर लगातार मलबा आने के खतरे को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभाग सतर्क हैं।

 

 

कई जिलों में बारिश का दौर जारी

अल्मोड़ा, नैनीताल, हल्द्वानी, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, खटीमा और उत्तरकाशी समेत कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। बारिश के कारण नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।

 

 

नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ की आशंका को देखते हुए सीमावर्ती चंपावत जिले में भी प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। शारदा नदी से जुड़े संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी की जा रही है। SDRF के साथ पुलिस, सिंचाई, राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग को अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में सचिवों का बड़ा फेरबदल: एआर मीनाक्षी सुंदरम को सिंचाई विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी, कई विभागों में बदलाव

 

 

पहाड़ी जिलों में यलो अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, आज उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज और बौछारें पड़ सकती हैं। पहाड़ी जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। कुछ स्थानों पर गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तेज से अति तेज दौर होने की आशंका है।

 

 

हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछार पड़ सकती है। प्रशासन ने लोगों से मौसम को देखते हुए सतर्क रहने और संवेदनशील इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।

 

 

पिथौरागढ़ और बागेश्वर में भारी बारिश का खतरा

देहरादून, मसूरी, ऋषिकेश और विकासनगर में आज बादल छाए रहने की संभावना है। पिथौरागढ़ और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी से अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। धारचूला, मुनस्यारी, कपकोट और गरुड़ में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के साथ पहाड़ी मार्गों पर मलबा आने का खतरा बना हुआ है।

 

 

चमोली और रुद्रप्रयाग में बारिश के चलते भूस्खलन की आशंका को देखते हुए सतर्कता बढ़ाई गई है। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भी निगरानी रखी जा रही है। वहीं, नैनीताल, अल्मोड़ा और पौड़ी में बादल छाए रहने के साथ रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में हटाए गए स्वास्थ्य कर्मचारीयों होंगे बहाल, स्वास्थ्य विभाग ने खाली पदों का मांगा विवरण

 

 

अगले तीन दिन भी बारिश से राहत के आसार कम

28 अगस्त: पर्वतीय जिलों के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा रहेगा। कई स्थानों पर तेज से अति तेज बारिश हो सकती है।

 

 

29 अगस्त: पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तेज से अति तेज बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है।

30 अगस्त: देहरादून, पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। राज्य के सभी जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली और तेज से अति तेज बारिश का दौर होने की आशंका जताई गई है।

 

 

प्रशासन ने लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने तथा जरूरी होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।