Uncategorizedअंतरराष्ट्रीय

नेपाल में फ्लैश फ्लड से भारी तबाही, 7 की मौत; 105 भारतीयों समेत सैकड़ों लापता, बिहार-UP में हाई अलर्ट

काठमांडू-: नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई फ्लैश फ्लड ने भारी तबाही मचा दी। तिब्बत सीमा से सटे रसुवा, धाडिंग और नुवाकोट जिलों में अचानक आए पानी के सैलाब ने कई गांवों, सड़कों और जलविद्युत परियोजनाओं को अपनी चपेट में ले लिया। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है। वहीं, 105 भारतीय नागरिकों समेत सैकड़ों लोग लापता बताए जा रहे हैं।

 

 

 

नेपाल में आई इस तबाही का असर भारत के सीमावर्ती राज्यों बिहार और उत्तर प्रदेश पर भी पड़ने लगा है। संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए बिहार के आठ जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है, जबकि उत्तर प्रदेश के महाराजगंज, कुशीनगर, गोरखपुर और सिद्धार्थनगर में नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

 

 

रसुवा में सबसे ज्यादा तबाही, 384 से अधिक लोग लापता

नेपाल टूरिज्म बोर्ड (NTB) के अनुसार, रसुवा और आसपास के इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन के बाद 384 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 291 विदेशी पर्यटक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं।

 

 

लापता विदेशी नागरिकों में 105 भारतीय नागरिक, 37 एनआरआई के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, मलेशिया, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड्स के नागरिक भी शामिल हैं। इसके अलावा टिमुरे बॉर्डर पोस्ट पर तैनात 9 पुलिसकर्मियों के भी लापता होने की सूचना है।

यह भी पढ़ें 👉  जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में मुठभेड़ के दौरान कर्नल सहित तीन जांबाज हुए शहीद, वही राजौरी में दो आतंकी भी किये गए ढेर

 

 

बाढ़ के तेज बहाव में रसुवा की एक प्रमुख हाइड्रोपावर परियोजना पूरी तरह तबाह हो गई है। वहीं धाडिंग और नुवाकोट में भी कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है।

 

 

14 हेलीकॉप्टर राहत-बचाव में लगाए गए

नेपाल सरकार ने राहत और बचाव अभियान के लिए 14 हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। हालांकि, टिमुरे में स्थानीय हेलीपैड के बाढ़ में बह जाने के कारण राहत और बचाव टीमों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

 

 

आपात स्थिति में सहायता के लिए नेपाल टूरिज्म बोर्ड ने हेल्पलाइन नंबर 1234, 1144 और 9851289445 जारी किए हैं।

 

 

भारतीय नागरिकों के लिए दूतावास ने जारी किए नंबर

नेपाल में फंसे या प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने भी इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। भारतीय नागरिक इन नंबरों पर संपर्क कर मदद और आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

 

 

भारतीय दूतावास हेल्पलाइन:
+977 985 131 6807
+977 970 910 7500

 

कम बारिश के बावजूद कैसे आई इतनी भीषण बाढ़?

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, रसुवा क्षेत्र में पिछले 24 घंटों के दौरान केवल करीब 7 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इतनी कम बारिश के बावजूद अचानक आई भीषण बाढ़ ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

 

प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि तिब्बत के ऊपरी क्षेत्र में स्थित किसी ग्लेशियल झील के फटने यानी ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) के कारण अचानक भारी मात्रा में पानी नीचे की ओर आया। हालांकि, बाढ़ की वास्तविक वजह की पुष्टि के लिए जांच की जा रही है।

यह भी पढ़ें 👉  यहाँ दोस्त के लिए सोना गिरवी रखकर लिया लोन: दोस्त हुआ गायब, तो परेशान युवक ने लगाई फांसी

 

 

बिहार के 8 जिलों में हाई अलर्ट

नेपाल में त्रिशूली और गंडक कैचमेंट क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने के बाद बिहार में भी खतरे की आशंका बढ़ गई है। बिहार आपदा प्रबंधन विभाग ने गंडक नदी में करीब 3 मीटर तक ऊंची फ्लैश फ्लड वेव आने की चेतावनी दी है।

 

 

इसके बाद बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है।

 

 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बातचीत कर संभावित संकट से निपटने के लिए केंद्र की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है। आपात स्थिति से निपटने के लिए NDRF को भी तैयार किया जा रहा है।

 

 

बिहार के जल संसाधन विभाग ने गंडक बैराज के सभी फाटकों को खोलने और नहरों में पानी प्रवाहित करने के निर्देश दिए हैं। गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और बेतिया में NDRF और SDRF की टीमें तैनात एवं स्टैंडबाय पर रखी गई हैं।

 

 

जिलाधिकारियों को निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने, राहत शिविर और कम्युनिटी किचन तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने जोशीमठ कस्बे में भू-धंसाव से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था आदि के संबंध में उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा

 

 

यूपी के सीमावर्ती जिलों में भी बढ़ाई गई निगरानी

नेपाल में आई बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में भी प्रशासन अलर्ट मोड पर है। महाराजगंज, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर और कुशीनगर में रोहिन, गंडक और अन्य सहायक नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

 

 

नेपाल सीमा से लगे निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने ग्रामीणों से नदियों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास नहीं जाने की अपील की है।

 

 

सीएम योगी ने अधिकारियों को दिए सतर्कता के निर्देश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ को लेकर चिंता जताई। उन्होंने प्रभावित लोगों के सुरक्षित होने की प्रार्थना करते हुए अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

 

 

सीएम योगी के निर्देश के बाद महाराजगंज और कुशीनगर में गंडक तथा नारायणी नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने निगरानी और राहत-बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं।

 

 

नेपाल की इस अचानक आई फ्लैश फ्लड ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्रों में ग्लेशियल झीलों और अचानक आने वाली बाढ़ के खतरे को सामने ला दिया है। फिलहाल नेपाल में राहत और बचाव अभियान जारी है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है।