उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, पहाड़ों में भूस्खलन का खतरा; 12 सितंबर तक ऐसा रहेगा मौसम

देहरादून न्यूज़- उत्तराखंड में बारिश का दौर लगातार जारी है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। पहाड़ी जिलों के साथ ऊधम सिंह नगर में भी कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की आशंका है। मौसम को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में भूस्खलन और सड़कें बंद होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। पौड़ी जिले में मंगलवार को लैंडस्लाइड के कारण पाबौ बाजार में छह दुकानों को खाली कराना पड़ा। यहां 25 से अधिक दुकानों पर भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
वहीं, बागेश्वर में गरुड़-बागेश्वर-रवाईखाल एनएच पर पहाड़ दरकने से कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया। बाद में मलबा हटाकर सड़क को यातायात के लिए खोल दिया गया। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और मलबा आने का खतरा बना हुआ है।
10 सितंबर को इन जिलों में भारी बारिश
मौसम विभाग के अनुसार 10 सितंबर को देहरादून, टिहरी, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा प्रदेश के सभी जिलों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना है।
11 सितंबर को सात जिलों में अलर्ट
11 सितंबर को देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ तेज बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं।
12 सितंबर तक जारी रहेगा बारिश का असर
12 सितंबर को देहरादून, बागेश्वर और उत्तरकाशी में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, राज्य के सभी जनपदों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना बनी हुई है।
लगातार बारिश को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने और मौसम तथा प्रशासन की ओर से जारी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।








