कैंची धाम में जाम पर सरकार सख्त! सुबह 4 बजे से दर्शन, एंट्री-एग्जिट के होंगे अलग रास्ते

हल्द्वानी न्यूज़- नैनीताल जिले के कैंची धाम क्षेत्र में लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन राज्यमंत्री अजय टम्टा ने अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए हैं। शनिवार को हल्द्वानी स्थित सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में उन्होंने पिछले सप्ताह कैंची धाम क्षेत्र में हुई यातायात अव्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने माना कि जाम के कारण पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समस्या के समाधान के लिए सुबह चार बजे से दर्शन व्यवस्था शुरू करने, मंदिर में प्रवेश और निकासी के अलग-अलग रास्ते बनाने तथा नए पार्किंग स्थल विकसित करने पर जोर दिया गया।
सुबह 4 बजे से दर्शन कराने पर जोर
केंद्रीय राज्यमंत्री अजय टम्टा ने कहा कि कैंची धाम मंदिर में सुबह छह बजे से होने वाले दर्शन की व्यवस्था को सुबह चार बजे से शुरू करने पर विचार किया जाना चाहिए। इससे श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि मंदिर में आने-जाने के लिए एक ही रास्ता होने के कारण भीड़ बढ़ती है और व्यवस्था प्रभावित होती है।
उन्होंने मंदिर में प्रवेश के लिए अलग मार्ग और निकासी के लिए पार्किंग की ओर से दूसरा रास्ता बनाने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए। इसके लिए मंदिर प्रशासन से वार्ता कर उचित समाधान निकालने को कहा गया।
भवाली से कैंची धाम तक सड़क चौड़ीकरण की तैयारी
बैठक में भवाली से कैंची धाम तक सड़क चौड़ीकरण और पर्वतीय क्षेत्रों में जाने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्गों के प्रस्ताव तैयार करने पर भी जोर दिया गया। राज्यमंत्री ने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने और अपने वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करने की अपील की।
जाम की समस्या को कम करने के लिए उन्होंने एसएसपी को पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले वाहनों को ज्योलीकोट मार्ग से भेजने के निर्देश दिए, ताकि यातायात का दबाव कम किया जा सके।
निगलाट में नई पार्किंग बनाने का प्रस्ताव
कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग की समस्या दूर करने के लिए निगलाट के पास वन विभाग की नर्सरी की खाली जमीन पर पार्किंग विकसित करने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। संबंधित अधिकारियों को संयुक्त सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा पाटलीगांव से रातीघाट तक सड़क की खराब स्थिति पर भी राज्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को सड़क को सुचारु बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार करने और सैनिटोरियम से पाटलीगांव मार्ग की मरम्मत कराने के निर्देश दिए।
डेढ़ साल में पूरा होगा गौलापार-लालकुआं बाईपास!
बैठक के दौरान गौलापार-लालकुआं बाईपास परियोजना को लेकर भी जानकारी दी गई। बताया गया कि बाईपास के टेंडर हो चुके हैं और इसका निर्माण कार्य डेढ़ वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
कैंची धाम क्षेत्र में जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए सड़क चौड़ीकरण, वैकल्पिक मार्ग, पार्किंग और मंदिर की दर्शन व्यवस्था में बदलाव जैसे उपायों पर जोर दिया गया है। अब इन प्रस्तावों पर आगे होने वाली कार्रवाई से तय होगा कि श्रद्धालुओं और पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों को जाम से कितनी राहत मिल पाती है।










