पिथौरागढ़ जिला अस्पताल के बेड पर सोता मिला कुत्ता; VIDEO: मरीज बरामदे में इलाज को मजबूर, DM के छापे में गायब मिला स्टाफ

पिथौरागढ़ न्यूज़- जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल बीडी पांडे जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करने वाली तस्वीर सामने आई है। एक ओर अस्पताल में बेड की कमी के चलते मरीजों को बरामदे में गद्दे बिछाकर इलाज कराने को मजबूर होना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर ₹250 प्रतिदिन शुल्क वाले पेइंग वार्ड के बेड पर आवारा कुत्ते के सोने का वीडियो सामने आया है। वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और डीएम आशीष कुमार भट्टगाई ने देर रात अस्पताल पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं।
मां को इलाज के लिए लेकर पहुंचे BDC सदस्य, बेड पर मिला कुत्ता
जाराजिबली के बीडीसी सदस्य रमेश धामी अपनी मां बसंती देवी को टायफाइड के इलाज के लिए बीडी पांडे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। अस्पताल के पेइंग वार्ड में उन्होंने देखा कि जिस बेड के लिए मरीजों से प्रतिदिन ₹250 शुल्क लिया जाता है, उसी बेड पर आवारा कुत्ता सो रहा था।
रमेश धामी ने इसका वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। देखते ही देखते वीडियो वायरल हो गया। इसके बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे।
120 बेड की क्षमता, 150 से ज्यादा मरीज भर्ती
बताया जा रहा है कि मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित इस जिला अस्पताल की क्षमता करीब 120 बेड की है, लेकिन वर्तमान में यहां 150 से अधिक मरीज भर्ती हैं। क्षमता से अधिक मरीज होने के कारण अस्पताल में बेड कम पड़ गए हैं।
स्थिति यह है कि कई मरीजों को वार्ड में बेड नहीं मिलने पर बरामदे में गद्दे बिछाकर इलाज कराना पड़ रहा है। इससे मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
तीन दिन से शाम होते ही अस्पताल में पहुंच रहे थे आवारा कुत्ते
मरीजों और तीमारदारों का आरोप है कि अस्पताल में पिछले कुछ दिनों से शाम ढलते ही आवारा कुत्ते खाली पड़े बिस्तरों पर पहुंच रहे थे। बताया गया कि कुत्तों को भगाने की कोशिश करने पर वे तीमारदारों पर झपटने तक लगते थे।
तीमारदारों का कहना है कि उन्होंने अस्पताल में तैनात सुरक्षा कर्मियों से भी इसकी शिकायत की, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। अस्पताल में आवारा कुत्तों की मौजूदगी से मरीजों में संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य संबंधी खतरे की आशंका भी बढ़ गई।
वीडियो वायरल होते ही आधी रात अस्पताल पहुंचे DM
मामला सामने आने और वीडियो वायरल होने के बाद जिलाधिकारी आशीष कुमार भट्टगाई ने मामले को गंभीरता से लिया। डीएम ने देर रात सीएमओ डॉ. जेएस चुफाल के साथ बीडी पांडे जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं में कई खामियां सामने आईं। सबसे गंभीर बात यह रही कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात पीआरडी जवान और नर्सिंग स्टाफ के कुछ कर्मचारी ड्यूटी से नदारद मिले।
तीन कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश
औचक निरीक्षण में ड्यूटी से गैरहाजिर मिले नर्सिंग स्टाफ एम. लॉरेंस और सुचित्रा ग्वाल तथा पीआरडी जवान वीर राम के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं कर्मचारी बसंती मेहता से स्पष्टीकरण मांगा गया है। डीएम ने अस्पताल के पीएमएस डॉ. डीपी सिंह को अस्पताल की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए।
सबसे बड़े अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी भी बड़ी चुनौती
बीडी पांडे जिला अस्पताल में सिर्फ व्यवस्थाओं की कमी ही नहीं, बल्कि विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी भी मरीजों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। अस्पताल में अब तक हार्ट स्पेशलिस्ट और न्यूरोसर्जन की तैनाती नहीं है।
गंभीर हृदय और न्यूरो संबंधी मामलों में मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए हल्द्वानी, देहरादून या दिल्ली रेफर करना पड़ता है। पहाड़ी क्षेत्र के मरीजों के लिए लंबी दूरी की यह यात्रा कई बार गंभीर चुनौती बन जाती है।
एक वीडियो ने खोल दी अस्पताल की पूरी व्यवस्था की पोल
एक पेइंग वार्ड के बेड पर कुत्ते के सोने का वीडियो सामने आने के बाद जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं सवालों के घेरे में हैं। एक तरफ क्षमता से अधिक मरीजों के कारण लोग बरामदे में इलाज कराने को मजबूर हैं, तो दूसरी तरफ ड्यूटी से कर्मचारियों की गैरहाजिरी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी ने स्वास्थ्य व्यवस्था की चुनौती को और गंभीर बना दिया है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन की कार्रवाई के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं में कितना सुधार होता है।





