उत्तराखंड कैबिनेट के 10 बड़े फैसले: मदरसा बोर्ड का अलग बजट खत्म, राफ्टिंग नियम सख्त, कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग का लाभ

देहरादून न्यूज़– मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में राज्य हित से जुड़े 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी दी।
कैबिनेट ने वर्ष 2027-28 से उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के लिए अलग बजटीय प्रावधान समाप्त करने, उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग एवं कयाकिंग संशोधन नियमावली-2026 लागू करने, सहकारिता विभाग के कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ देने, पीएम पोषण योजना के तहत अक्षय पात्र फाउंडेशन के माध्यम से मिड-डे मील उपलब्ध कराने सहित कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई।
कैबिनेट के प्रमुख फैसले
1. नन्ही परी संस्थान और इंजीनियरिंग कॉलेज को भूमि पिथौरागढ़ स्थित नन्ही परी संस्थान के विस्तार के लिए तीन हेक्टेयर सरकारी भूमि उपलब्ध कराने को मंजूरी दी गई। साथ ही उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेज के विकास के लिए 14.857 हेक्टेयर भूमि तकनीकी शिक्षा विभाग के नाम हस्तांतरित की जाएगी।
2. राफ्टिंग और कयाकिंग के नियम होंगे और सख्त राज्य में एडवेंचर पर्यटन को सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग/कयाकिंग संशोधन नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई। नई व्यवस्था के तहत सुरक्षा मानकों, प्रशिक्षित गाइड, लाइफ सेविंग उपकरण और संचालन की निगरानी को और मजबूत किया जाएगा।
3. मदरसा बोर्ड के लिए अलग बजट समाप्त कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2027-28 से उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के लिए अलग बजट मद समाप्त करने का निर्णय लिया है। सरकार के अनुसार यह फैसला बजटीय पुनर्संरचना और संसाधनों के बेहतर उपयोग के उद्देश्य से लिया गया है।
4. अक्षय पात्र फाउंडेशन उपलब्ध कराएगा मिड-डे मील प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत श्रीनगर क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को अब अक्षय पात्र फाउंडेशन के माध्यम से पका-पकाया भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
5. कर्मचारियों को मिलेगा सातवें वेतन आयोग का लाभ उत्तराखंड राज्य भंडारण निगम के 68 नियमित कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग का लाभ देने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। इससे कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में वृद्धि होगी।
6. महाकुंभ 2027 की तैयारी के लिए नए पद महाकुंभ-2027 की तैयारियों को देखते हुए वरिष्ठ लेखा अधिकारी और अधिशासी अभियंता के एक-एक नए पद सृजित किए गए हैं, जिससे विकास कार्यों और वित्तीय प्रबंधन की निगरानी मजबूत होगी।
7. पदोन्नति नियमों में संशोधन लेखाकार और संबंधित पदों की पदोन्नति नियमावली में बदलाव करते हुए अब ज्येष्ठता (सीनियरिटी) के आधार पर पदोन्नति का प्रावधान लागू किया जाएगा।
8. ऑडिट प्रकोष्ठ का पुनर्गठन वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने के लिए ऑडिट प्रकोष्ठ का पुनर्गठन किया जाएगा। इसके तहत दो पदों में परिवर्तन और दो नए पदों का सृजन होगा।
9. विदेश रोजगार प्रकोष्ठ होगा मजबूत सहसपुर स्थित विदेश रोजगार प्रकोष्ठ के लिए सात नए पद सृजित किए गए हैं। साथ ही विभिन्न विभागों के समन्वय के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) का गठन किया जाएगा, जिससे विदेश में रोजगार के इच्छुक युवाओं को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।
10. बापूग्राम, बिन्दुखत्ता और 54 बग्गा के भूमि अधिकार पर समिति बापूग्राम, बिन्दुखत्ता और 54 बग्गा क्षेत्रों के भूमि अधिकार संबंधी मामलों के समाधान के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी। समिति अध्ययन के बाद प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजेगी।
अन्य प्रस्तावों पर नहीं हुई चर्चा
कैबिनेट बैठक से पहले नई खेल नीति, शिक्षकों की तबादला नीति, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) नीति और आपदा प्रबंधन से जुड़े प्रस्तावों पर निर्णय की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन इन पर शुक्रवार की बैठक में कोई फैसला नहीं लिया गया। माना जा रहा है कि इन प्रस्तावों को अगली कैबिनेट बैठक में रखा जा सकता है।








