उत्तराखण्डकुमाऊं,

हल्द्वानी में 1 दिसंबर से घर-घर जनगणना, 1200 कार्मिक संभालेंगे जिम्मेदारी; 40 सवालों के देने होंगे जवाब

हल्द्वानी न्यूज़- शहर में जनगणना की तैयारियां तेज हो गई हैं। आगामी 1 दिसंबर से 4 जनवरी 2027 तक हल्द्वानी नगर निगम क्षेत्र में घर-घर जाकर लोगों की गणना की जाएगी। करीब 42 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले नगर निगम के 60 वार्डों को आबादी और घरों की संख्या के आधार पर अलग-अलग ब्लाकों में बांटा जाएगा। जनगणना का कार्य पूरा कराने के लिए करीब 1200 कार्मिकों की जरूरत है।

 

 

कार्मिकों की कमी को देखते हुए जनगणना विभाग अब पूर्व सैनिकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों का भी सहयोग लेने की तैयारी कर रहा है। इस संबंध में सैनिक कल्याण विभाग से वार्ता की जा चुकी है। जनगणना कार्य में शामिल होने वाले पूर्व सैनिकों को करीब 16 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। इसके अलावा प्रशिक्षण अवधि के लिए भी अलग से भुगतान किया जाएगा।

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अप्रैल में हुई थी भवन गणना

जनगणना प्रक्रिया के पहले चरण में अप्रैल में भवन गणना का कार्य किया जा चुका है। अब 1 दिसंबर से लोगों की वास्तविक गणना शुरू होगी। चार्ज अधिकारी, सहायक चार्ज अधिकारी और तकनीकी टीम को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अगले चरण में प्रगणकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन्हें ब्लाकवार क्षेत्र आवंटित कर फील्ड में भेजा जाएगा।

 

 

पोर्टल पर दर्ज होंगे 40 सवालों के जवाब

जनगणना के दौरान घर-घर पहुंचने वाले प्रगणक लोगों से करीब 40 सवाल पूछेंगे। इन सवालों के जवाब ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दर्ज किए जाएंगे। जिले से संबंधित डेटा सीधे जनगणना विभाग तक पहुंचेगा। लोगों को स्वगणना की सुविधा भी दी जाएगी। इसके लिए नवंबर में पोर्टल और इसकी प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

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कई विभागों से मांगा गया सहयोग

हल्द्वानी में आवश्यक कार्मिक जुटाने के लिए जल संस्थान, ऊर्जा निगम, वन विभाग, समाज कल्याण, डेयरी, आइटीआई और शिक्षा समेत कई विभागों को पत्र भेजे गए हैं। इसके बावजूद पर्याप्त संख्या में कार्मिक नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसे में पूर्व सैनिकों के साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों से भी सहयोग लेने की तैयारी है।

 

 

नगर निगम से जुड़ी बैंणी सेना और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी जनगणना में महत्वपूर्ण भूमिका दी जा सकती है। स्थानीय होने के कारण उन्हें क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और स्थानीय लोगों की जानकारी रहती है, जिससे प्रगणकों को घर-घर पहुंचने और सही जानकारी जुटाने में मदद मिलेगी।

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150 घर या 600 आबादी के आधार पर बनेगा ब्लाक

जनगणना के लिए क्षेत्र को छोटे-छोटे ब्लाकों में बांटा जाएगा। इसके लिए करीब 150 घर या 600 से अधिक आबादी को मानक बनाया जाएगा। इसी आधार पर प्रगणकों को क्षेत्र आवंटित कर घर-घर भेजा जाएगा।

 

 

प्रमुख जनगणना अधिकारी (निगम क्षेत्र) परितोष वर्मा ने बताया कि जनगणना में पूर्व सैनिकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों का सहयोग लेने की तैयारी है। भवन गणना की तरह इसमें भी लोग पोर्टल के माध्यम से स्वगणना कर सकेंगे। नवंबर में पोर्टल की जानकारी दी जाएगी। 1 दिसंबर से प्रगणक घर-घर पहुंचकर 40 सवाल पूछेंगे, जिनके जवाब दर्ज किए जाएंगे।