देहरादून में NEET की तैयारी कर रही छात्रा ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखा- ‘आई लव यू मॉम-पापा, मैं बोझ हूं’
कारगिल योद्धा की 23 वर्षीय बेटी कमरे में फंदे से लटकी मिली, पुलिस को मिला भावुक सुसाइड नोट; मामले की जांच जारी

देहरादून न्यूज़- राजधानी देहरादून से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET की तैयारी कर रही 23 वर्षीय युवती ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवती कारगिल युद्ध में शामिल रहे पूर्व सैनिक की बेटी थी। घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उसने अपने माता-पिता के प्रति प्यार जताते हुए खुद को इस कदम के लिए जिम्मेदार बताया है।
जानकारी के अनुसार चंद्रमणि कॉलोनी निवासी पूर्व सैनिक राजेश मल्ल थापा की बेटी रिया कुमारी लंबे समय से मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने के लिए NEET की तैयारी कर रही थी। मंगलवार सुबह वह अपने कमरे में फंदे से लटकी मिली। घटना से परिवार और क्षेत्र में शोक की लहर है।
सीओ सदर अंकित कंडारी ने बताया कि रिया देर रात तक पढ़ाई करती थी और सुबह अक्सर देर से उठती थी। मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे उसकी मां उसे नाश्ते के लिए बुलाने गईं, लेकिन कमरे का दरवाजा नहीं खुला। कुछ देर बाद मंदिर से लौटे पिता ने कमरे का दरवाजा खोला तो बेटी फंदे से लटकी मिली। सूचना मिलने पर कोतवाली पटेल नगर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है। नोट में रिया ने लिखा है, “I’m sorry for being a burden. It’s nobody’s fault but my own incompetence. The best option is to end it. I love you. I’m sorry.” नोट में उसने खुद को परिवार पर बोझ बताते हुए इस घटना के लिए किसी अन्य व्यक्ति को जिम्मेदार न ठहराने की बात कही है।
परिजनों के अनुसार रिया पढ़ाई में बेहद मेधावी थी। उसने 12वीं की परीक्षा में 96.7 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। वह बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाती थी और साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। स्थानीय लोगों के मुताबिक वह अपने लक्ष्य को लेकर गंभीर और मेहनती छात्रा थी।
पूर्व पार्षद हरि प्रसाद भट्ट ने बताया कि रिया पहले भी NEET परीक्षा दे चुकी थी और इस बार अपने प्रदर्शन को लेकर काफी उम्मीदें रखे हुए थी। हालांकि हाल के दिनों में वह परीक्षा और भविष्य को लेकर कुछ चिंतित नजर आ रही थी। वहीं पुलिस का कहना है कि अभी तक जांच में ऐसा कोई ठोस तथ्य सामने नहीं आया है, जिससे आत्महत्या का कारण किसी विशेष परीक्षा या विवाद को माना जा सके।
गोरखाली सुधार सभा द्वारा सम्मानित की जा चुकी रिया को जानने वाले लोग उसे प्रतिभाशाली और मेहनती छात्रा बताते हैं। परिवार का कहना है कि उसे पढ़ाई के लिए पूरा सहयोग दिया जाता था और उसके भविष्य को लेकर सभी आशान्वित थे।
सीओ अंकित कंडारी ने बताया कि सुसाइड नोट समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। फिलहाल पंचनामा और पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई पूरी कर ली गई है तथा मामले की विस्तृत जांच जारी है।








