उत्तराखण्डकुमाऊं,

बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की घोषणा फिर हुई जीवित, सीएम धामी ने दिया अनुमोदन

बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा दिलाने की दिशा में एक बार फिर उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हल्द्वानी दौरे से पहले क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री ने लालकुआं विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाए जाने संबंधी पूर्व में विलोपित की गई घोषणा को पुनः जीवित किए जाने का अनुमोदन प्रदान कर दिया है।

यह निर्णय लालकुआं के विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट के अनुरोध पर लिया गया है। राजस्व विभाग के अनुसार, पहले मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। हालांकि, संबंधित क्षेत्र वन भूमि के अंतर्गत होने के कारण वन विभाग के स्तर से भारत सरकार की अनापत्ति (NOC) प्राप्त करना आवश्यक है। इस प्रक्रिया में विभिन्न कानूनी प्रावधानों और औपचारिकताओं के चलते समय लगने की संभावना जताई गई थी।

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इसी क्रम में 1 जुलाई 2025 को आयोजित मुख्यमंत्री घोषणाओं की विभागीय समीक्षा बैठक में उच्चादेश के तहत राजस्व विभाग की सूची से इस घोषणा को विलोपित किए जाने का अनुरोध मुख्यमंत्री कार्यालय से किया गया था। बाद में उक्त घोषणा को सूची से हटा दिया गया था।

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अब मुख्यमंत्री धामी ने बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाए जाने की घोषणा को पुनर्जीवित करने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले से क्षेत्र के हजारों निवासियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से राजस्व ग्राम का दर्जा मिलने की मांग कर रहे थे।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि राजस्व ग्राम का दर्जा मिलने से भूमि संबंधी अधिकार, मूलभूत सुविधाओं का विस्तार और सरकारी योजनाओं का लाभ सुगमता से मिल सकेगा। अब सभी की निगाहें वन विभाग से आवश्यक स्वीकृतियां मिलने और शासन स्तर पर आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।