उत्तराखंड में पेंशन घोटाले पर सीएम धामी की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, 1,377 अपात्रों की पेंशन फ्रीज; रिकवरी और मुकदमे की तैयारी

देहरादून न्यूज़- उत्तराखंड में समाज कल्याण योजनाओं के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा एक्शन लिया है। कैग (CAG) की जांच में खुलासा हुआ है कि राज्य में 1,377 ऐसे लोग चिन्हित किए गए हैं, जो सरकारी सेवा से रिटायर होने के बाद अपनी नियमित विभागीय पेंशन के साथ-साथ वृद्धावस्था, विधवा या दिव्यांग पेंशन जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का भी लाभ ले रहे थे।
सीएम धामी ने शनिवार (21 फरवरी) को इन सभी की समाज कल्याण पेंशन तत्काल प्रभाव से रोकने और गलत तरीके से ली गई राशि की रिकवरी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने को भी कहा गया है।
कैग रिपोर्ट से खुली पोल
कैग की रिपोर्ट में आधार कार्ड के जरिए डेटा मिलान के दौरान यह गड़बड़ी सामने आई। समाज कल्याण विभाग की पेंशन सूची को सरकारी पेंशनभोगियों के डेटाबेस से क्रॉस-चेक करने पर कई ऐसे मामले पकड़े गए, जहां सेवानिवृत्त कर्मचारी दोहरी पेंशन ले रहे थे।
नियमों के अनुसार, जो व्यक्ति सरकारी सेवा से पेंशन प्राप्त कर रहा है, वह समाज कल्याण विभाग की निर्धन और निराश्रित वर्ग के लिए संचालित योजनाओं का पात्र नहीं होता।
सीएम के सख्त निर्देश, अधिकारियों पर भी शिकंजा
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पूछा है कि वेरिफिकेशन के दौरान यह चूक कैसे हुई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी जिलों को अपात्र लाभार्थियों की सूची भेजकर सत्यापन करने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच पूरी होने के बाद गलत तरीके से ली गई राशि की वसूली की जाएगी। जरूरत पड़ने पर मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।
रिकवरी की रणनीति तय
सूत्रों के मुताबिक, समाज कल्याण विभाग और कोषागार के बीच डेटा शेयरिंग की कमी के कारण यह गड़बड़ी लंबे समय से चल रही थी। अब सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं—
- 1,377 लाभार्थियों की पेंशन तत्काल प्रभाव से फ्रीज
- जिला समाज कल्याण अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश
- बैंक खातों या मुख्य पेंशन से किस्तों में वसूली की तैयारी
- दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू
मृतकों के नाम पर भी पेंशन!
जांच में यह संकेत भी मिले हैं कि कुछ मामलों में लाभार्थी की मृत्यु के बाद भी उनके परिजन पेंशन निकाल रहे थे। ऐसे मामलों की अलग से जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, देहरादून, हरिद्वार और नैनीताल जैसे मैदानी जिलों में सबसे अधिक अपात्र लाभार्थी पाए गए हैं, जबकि पर्वतीय जिलों में भी सत्यापन अभियान तेज कर दिया गया है।
आधार लिंकिंग बनी ‘हथियार’
समाज कल्याण पेंशन को आधार से अनिवार्य रूप से लिंक करने और डिजिटल डेटा विश्लेषण के जरिए यह खुलासा संभव हो पाया। सरकार अब इस प्रक्रिया को और मजबूत करने की तैयारी में है।
एकीकृत पेंशन पोर्टल होगा लागू
सीएम धामी ने साफ किया है कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है। राज्य सरकार जल्द ही एक ‘एकीकृत पेंशन पोर्टल’ विकसित कर रही है, जिससे कोई भी व्यक्ति एक से अधिक पेंशन योजना का लाभ नहीं उठा सकेगा।
पोर्टल की मुख्य विशेषताएं—
- सभी पेंशन योजनाओं के लिए सिंगल विंडो सिस्टम
- आवेदन और भुगतान की रियल-टाइम ट्रैकिंग
- डिजिटल e-PPO की सुविधा
- वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र ऑनलाइन जमा करने की व्यवस्था
- डेटा मिलान और क्रॉस-वेरिफिकेशन से दोहरी पेंशन पर रोक
UPS लागू करने में मिलेगी मजबूती
राज्य सरकार 1 अप्रैल 2025 से एकीकृत पेंशन योजना (UPS) लागू करने की घोषणा कर चुकी है। नया पोर्टल इस योजना के सुचारू संचालन में अहम भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ केवल पात्र और जरूरतमंद लोगों तक ही पहुंचे। उन्होंने दो टूक कहा— “जनता के पैसे की एक-एक पाई का सही उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।”







