उत्तराखण्डकुमाऊं,

घर पर एसी, आंगन में क्रेटा कार और ले रहे मुफ्त का राशन! नैनीताल में सैकड़ों राशन कार्ड रद, सत्यापन में बड़ा खुलासा

हल्द्वानी न्यूज़- नैनीताल जिले में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा चलाए जा रहे राशन कार्ड सत्यापन अभियान में बड़े स्तर पर अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच के दौरान ऐसे कई परिवार पाए गए हैं जो आर्थिक रूप से संपन्न होने के बावजूद सरकारी राशन योजना का लाभ ले रहे थे। विभाग ने अब तक 1202 राशन कार्ड और 5116 यूनिट निरस्त कर दी हैं।

 

 

जिला प्रशासन के निर्देश पर पिछले महीने शुरू किए गए सत्यापन अभियान के तहत खाद्य आपूर्ति विभाग की टीमें हल्द्वानी, रामनगर, नैनीताल, धारी, कालाढूंगी और श्री कैंचीधाम तहसील क्षेत्रों में घर-घर जाकर जांच कर रही हैं। अब तक जिले में 30,383 राशन कार्डों और 1,30,012 यूनिटों का सत्यापन किया जा चुका है।

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जांच के दौरान कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहां घरों में एसी लगे हुए हैं, आंगन में महंगी कारें जैसे क्रेटा और बोलेरो खड़ी हैं तथा परिवार के सदस्य अच्छी नौकरियों में कार्यरत हैं। अधिकारियों के अनुसार ये परिवार पहले पात्र श्रेणी में आते थे, लेकिन आर्थिक स्थिति बेहतर होने के बाद भी उन्होंने राशन कार्ड निरस्त नहीं कराए और लगातार सरकारी राशन का लाभ लेते रहे।

 

 

पूर्ति निरीक्षक मोहित कठायत ने बताया कि लालकुआं क्षेत्र में कई ऐसे परिवार मिले हैं, जिनके बच्चे सेंचुरी मिल में स्थायी नौकरी कर रहे हैं, फिर भी वे मुफ्त राशन प्राप्त कर रहे थे। वहीं नगर पालिका क्षेत्र में एक घर के बाहर क्रेटा कार खड़ी मिली, जिसके बावजूद परिवार राशन योजना का लाभ ले रहा था। ऐसे सभी मामलों में राशन कार्ड निरस्त करने की कार्रवाई की गई है।

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उन्होंने बताया कि इससे पहले दिसंबर 2025 में आयकरदाता श्रेणी में आने वाले करीब 37 हजार राशन कार्ड धारकों के नाम भी सूची से हटाए गए थे।

 

 

राशन कार्ड की पात्रता

खाद्य विभाग के अनुसार राशन कार्ड तीन श्रेणियों में जारी किए जाते हैं—

  • अंत्योदय अन्न योजना (गुलाबी कार्ड) : वार्षिक आय 48 हजार रुपये तक।
  • प्राथमिक परिवार (पीएचएच) सफेद कार्ड : वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक।
  • राज्य खाद्य योजना (पीला कार्ड) : वार्षिक आय 5 लाख रुपये तक।
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जिले में वर्तमान में करीब 2.32 लाख राशन कार्ड हैं, जिनके माध्यम से लगभग 9.51 लाख लाभार्थियों को राशन वितरित किया जाता है।

 

 

जिला पूर्ति अधिकारी मनोज बर्मन ने कहा कि सत्यापन के दौरान पूरे जिले में बड़ी संख्या में ऐसे लोग मिले हैं जो आर्थिक रूप से सक्षम हैं, लेकिन राशन योजना का लाभ ले रहे थे। ऐसे अपात्र राशन कार्डधारकों के नाम तत्काल प्रभाव से सूची से हटाए जा रहे हैं।