देहरादून कैबिनेट बैठक: धामी सरकार के 6 बड़े फैसले,

देहरादून न्यूज़– मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में आयोजित राज्य कैबिनेट बैठक में छह महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। सुबह साढ़े 10 बजे शुरू हुई बैठक में राज्यहित से जुड़े कई अहम विषयों पर चर्चा हुई।
बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, सौरभ बहुगुणा, डॉ. धन सिंह रावत, गणेश जोशी, सुबोध उनियाल और मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन मौजूद रहे।
कैबिनेट के फैसलों में कर्मचारियों के हित, स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती, नशा विरोधी अभियान और सूक्ष्म उद्यमों को बढ़ावा देने जैसे विषय प्रमुख रहे।
कैबिनेट के अहम फैसले
1. एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को मजबूती
गृह विभाग के अंतर्गत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के लिए 22 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। इस निर्णय से राज्य में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
2. पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 2020 वापस
श्रम विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय में राज्य का पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 2020 वापस लेने का फैसला किया गया। यह प्रावधान कोविड काल में लाया गया था, जिसमें उद्योगों के सरप्लस में होने पर ही कर्मचारियों को बोनस देने का नियम था।
अब चूंकि केंद्रीय पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट 1965 प्रभावी है, इसलिए राज्य संशोधन को वापस लिया गया है। इससे कर्मचारियों को केंद्रीय कानून के तहत बोनस का लाभ मिलेगा।
3. ईएसआई सेवा स्कीम 2026 को मंजूरी
कैबिनेट ने उत्तराखंड एम्प्लॉयी स्टेट इंश्योरेंस सर्विस स्कीम 2026 को मंजूरी दी। इसके तहत ईएसआई में कुल 94 पद सृजित किए गए हैं, जिनमें:
- मेडिकल ऑफिसर – 76 पद
- असिस्टेंट डायरेक्टर – 11 पद
- लेवल 12 – 6 पद
- एडिशनल डायरेक्टर (लेवल 13) – 1 पद
- इस फैसले से राज्य में कर्मचारियों को बेहतर
स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में मजबूती मिलेगी।
4. आदतन अपराधी की परिभाषा में संशोधन
उत्तराखंड कारागार अधिनियम से जुड़े प्रावधान में संशोधन करते हुए आदतन अपराधियों की परिभाषा को पूर्व एक्ट के अनुसार लागू करने का निर्णय लिया गया है।
5. वन विभाग के दैनिक श्रमिकों को राहत
वन विभाग में कार्यरत दैनिक श्रमिकों को बड़ी राहत देते हुए कैबिनेट ने शेष 589 श्रमिकों को भी न्यूनतम वेतनमान देने को मंजूरी दी। कुल 893 श्रमिकों में से अधिकांश को पहले ही लाभ मिल चुका था। अब सभी पात्र श्रमिकों को न्यूनतम वेतनमान का लाभ मिलेगा।
6. सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना जारी
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना के साथ राज्य सरकार की मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम योजना को भी जारी रखने का निर्णय लिया गया। केंद्र की योजना 2025-26 तक प्रभावी रहेगी और उसी अवधि तक राज्य की योजना भी संचालित की जाएगी।
राज्य सरकार के इन फैसलों को कर्मचारियों, श्रमिकों, स्वास्थ्य सेवाओं और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।








