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उत्तराखंड में SIR का असर! 49,743 वोटरों ने मांगा बदलाव, 10,235 नामों पर आपत्ति; टेंशन में BJP-कांग्रेस

देहरादून न्यूज़- विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के अंतिम चरण में देहरादून जिले में मतदाता सूची को लेकर प्रक्रिया तेज हो गई है। अब तक 49,743 नागरिकों ने नाम जोड़ने या मतदाता विवरण में संशोधन के लिए आवेदन किया है। वहीं, 10,235 मतदाताओं के नाम हटाने को लेकर दावे-आपत्तियां प्राप्त हुई हैं। अंतिम निर्वाचक नामावली 15 सितंबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी। मतदाता सूची में हो रहे इस बड़े बदलाव को लेकर राजनीतिक दलों की भी नजरें प्रक्रिया पर टिकी हैं।

 

 

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान ने ऋषिपर्णा सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ बैठक कर SIR की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान राजनीतिक दलों को प्रारूप-9, 10, 11ए और 11बी की सूचियां भी उपलब्ध कराई गईं।

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जिलाधिकारी ने बताया कि 13 अगस्त तक प्रारूप-6 में 39,025 आवेदन नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए प्राप्त हुए हैं। वहीं प्रारूप-8 के तहत 10,718 आवेदन मतदाता विवरण में संशोधन के लिए मिले हैं। इसके अलावा प्रारूप-7 के तहत 10,235 दावे-आपत्तियां प्राप्त हुई हैं।

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आपत्ति के आधार पर सीधे नहीं हटेगा नाम

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता का नाम केवल आपत्ति के आधार पर मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। प्रत्येक आपत्ति की निर्धारित प्रक्रिया के तहत जांच की जाएगी।

 

 

इसके लिए संबंधित बीएलओ आपत्ति से जुड़े व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से नोटिस तामील कराएंगे। नोटिस दिए जाने के सात दिन बाद बूथवार सुनवाई शिविर आयोजित किया जाएगा। इसमें संबंधित मतदाता और आपत्तिकर्ता दोनों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।

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प्रशासन के अनुसार, यदि सुनवाई के दौरान नाम हटाने के संबंध में ठोस आधार या प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया जाता है, तो मतदाता का नाम हटाने की कार्रवाई नहीं की जाएगी।

 

 

अंतिम निर्वाचक नामावली के प्रकाशन से पहले प्रशासन ने राजनीतिक दलों से भी पुनरीक्षण प्रक्रिया में सहयोग करने और प्राप्त सूचियों का अवलोकन कर आवश्यक दावे-आपत्तियां प्रस्तुत करने की अपील की है।