ऋषिकेश में केदारनाथ यात्रियों से ठगी, फर्जी ट्रैवल एजेंट ने वसूले किराए; चालक के 8 हजार भी उड़ाए
मैक्स वाहन में बैठाकर बनाया भरोसा, चालक की सीट पर बैठकर किया ड्रामा; परिवहन संगठनों ने उठाए सवाल

चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों से ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला ऋषिकेश से सामने आया है, जहां खुद को ट्रैवल एजेंट बताने वाले एक युवक ने केदारनाथ जा रहे श्रद्धालुओं से ठगी कर दी। आरोपी ने छह यात्रियों से प्रति व्यक्ति 1000 रुपये किराया वसूला और उन्हें एक मैक्स वाहन में बैठा दिया। इतना ही नहीं, उसने वाहन चालक की गैरमौजूदगी का फायदा उठाकर ड्राइविंग सीट संभाल ली और चालक के कैश रैक से 8 हजार रुपये निकालने का भी आरोप है।
जानकारी के अनुसार, केदारनाथ यात्रा पर जा रहे छह यात्रियों को आरोपी युवक ने रास्ते में रोककर खुद को ट्रैवल एजेंट बताया। उसने यात्रियों को जल्द यात्रा कराने का भरोसा दिलाया और उनसे प्रति व्यक्ति 1000 रुपये किराया वसूल लिया। इसके बाद सभी यात्रियों को एक मैक्स वाहन में बैठा दिया गया।
मैक्स चालक के मुताबिक, वह कुछ देर के लिए अपना सामान लेने वाहन से नीचे उतरा था। इसी दौरान युवक जबरन ड्राइविंग सीट पर बैठ गया और यात्रियों के सामने खुद को वाहन चालक या उससे जुड़ा व्यक्ति बताने लगा। यात्रियों को भी उस पर शक नहीं हुआ और वे उसके झांसे में आ गए।
चालक ने आरोप लगाया कि युवक ने वाहन में रखे कैश रैक से 8 हजार रुपये भी निकाल लिए। मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय व्यापार संघ और परिवहन संगठनों के पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए। काफी तलाश के बाद आरोपी युवक को पकड़ लिया गया। घटना को लेकर मौके पर काफी देर तक हंगामा भी चलता रहा।
परिवहन संगठनों ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ऋषिकेश में फर्जी ट्रैवल एजेंटों और अवैध वाहनों का नेटवर्क लगातार सक्रिय है, जो तीर्थयात्रियों को ठगने का काम कर रहा है। उनका आरोप है कि पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण ऐसे मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
संगठनों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं उत्तराखंड की देवभूमि वाली छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं और चारधाम यात्रा की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही हैं।
वहीं, मामले का संज्ञान लेते हुए एआरटीओ प्रवर्तन रश्मि पंत ने जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि यदि आरोपी युवक वैध ट्रैवल एजेंट का लाइसेंस नहीं दिखा पाता और किसी एजेंसी से जुड़ा पाया जाता है, तो संबंधित एजेंसी संचालक से भी पूछताछ की जाएगी। जांच में एजेंसी की भूमिका सामने आने पर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।








