नैनीताल की मशहूर मटन-चावल शॉप पर GST विभाग की नजर, 50 लाख से ज्यादा टर्नओवर का दावा

नैनीताल न्यूज़- हल्द्वानी-नैनीताल हाईवे पर नयना गांव स्थित एक प्रसिद्ध मटन-चावल शॉप राज्य कर विभाग की जांच के दायरे में आ गई है। विभागीय जांच में सामने आया है कि दुकान का वार्षिक कारोबार 50 लाख रुपये से अधिक है, लेकिन अब तक जीएसटी पंजीकरण नहीं कराया गया है। विभाग ने दुकान संचालक को 12 जून तक जीएसटी पंजीकरण कराने का निर्देश देते हुए चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा तक अनुपालन नहीं होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पर्यटकों और स्थानीय लोगों की पसंद बनी शॉप
नयना गांव स्थित यह मटन-चावल शॉप लंबे समय से पर्यटकों, स्थानीय लोगों और विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों के बीच काफी लोकप्रिय है। हाईवे से गुजरने वाले बड़ी संख्या में लोग यहां रुककर मटन-चावल का स्वाद लेते हैं, जिसके चलते दुकान पर रोजाना अच्छी खासी भीड़ रहती है।
वायरल वीडियो के बाद शुरू हुई जांच
हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें दावा किया गया था कि दुकान पर प्रतिदिन चावल के साथ तीन बकरों के मांस की बिक्री होती है। वीडियो चर्चा में आने के बाद यह मामला राज्य कर विभाग तक पहुंचा, जिसके बाद विभाग ने जांच शुरू की।
जांच में सामने आया बड़ा कारोबार
राज्य कर विभाग की टीम ने असिस्टेंट कमिश्नर प्रकाश त्रिवेदी के नेतृत्व में दुकान का निरीक्षण किया। जांच के दौरान विभाग ने पाया कि दुकान का सालाना टर्नओवर 50 लाख रुपये से अधिक है, जबकि जीएसटी पंजीकरण नहीं कराया गया है।
असिस्टेंट कमिश्नर प्रकाश त्रिवेदी ने बताया कि मौजूदा नियमों के तहत कारोबार के आधार पर दुकान को जीएसटी के दायरे में आना चाहिए और बिक्री पर 5 प्रतिशत जीएसटी देय है। दुकान स्वामी चंदन सिंह ने विभाग को जल्द पंजीकरण कराने का आश्वासन दिया है।
12 जून तक का दिया गया समय
विभाग ने दुकान संचालक को 12 जून तक जीएसटी पंजीकरण कराने का समय दिया है। यदि तय समय के भीतर पंजीकरण नहीं कराया जाता है तो जीएसटी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जांच टीम में शैलेंद्र आगरी, मोहित चौहान और कैलाश जोशी भी शामिल रहे।








