उत्तराखण्डकुमाऊं,

उत्तराखंड- यहाँ विजलेंस की कार्यवाही, तहसील के संग्रह अमीन और वरिष्ठ सहायक 14 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की कार्रवाई लगातार जारी है। बुधवार (29 जुलाई 2026) को कुमाऊं विजिलेंस की ट्रैप टीम ने ऊधमसिंह नगर जिले की तहसील सितारगंज में बड़ी कार्रवाई करते हुए संग्रह अमीन और वरिष्ठ सहायक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। दोनों अधिकारियों पर जमीन की कुर्की समाप्त करने और केसीसी (KCC) लोन से संबंधित आरसी (RC) की कार्रवाई खत्म करने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।

 

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत दर्ज कराई थी कि तहसील सितारगंज में तैनात संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा जमीन की कुर्की समाप्त कर उसे बंधन मुक्त करने के एवज में 10,000 रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। वहीं वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र सिंह राणा शिकायतकर्ता की पत्नी के केसीसी लोन पर जारी आरसी की कार्रवाई समाप्त करने के लिए 6,000 रुपये की मांग कर रहे थे।

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शिकायत के प्राथमिक सत्यापन में आरोप सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी के निर्देश पर निरीक्षक के नेतृत्व में ट्रैप टीम का गठन किया गया।

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पूर्व निर्धारित योजना के तहत बुधवार को शिकायतकर्ता ने तहसील परिसर स्थित कार्यालय में संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा को 8,000 रुपये तथा वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र सिंह राणा को 6,000 रुपये की रिश्वत दी। जैसे ही दोनों ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से घात लगाए बैठी विजिलेंस टीम ने उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

 

 

विजिलेंस टीम ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।

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इस कार्रवाई के बाद सतर्कता अधिष्ठान के निदेशक डॉ. वी. मुरूगेशन ने प्रदेशवासियों से अपील करते हुए कहा कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो उसकी सूचना बिना किसी भय के सतर्कता अधिष्ठान को दें। शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 तथा व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9456592300 उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग से ही भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई संभव है।