‘5 मिनट में लोन’ का झांसा पड़ सकता है भारी, I4C ने जारी की 8 फर्जी लोन एप्स की चेतावनी

नई दिल्ली- अगर आपके मोबाइल पर भी ‘5 मिनट में इंस्टेंट लोन’ या ‘बिना दस्तावेज़ तुरंत लोन’ जैसे विज्ञापन दिखाई देते हैं, तो सतर्क हो जाइए। ऐसे आकर्षक ऑफर साइबर ठगों का जाल हो सकते हैं। इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने लोगों को फर्जी लोन एप्स से सावधान रहने की चेतावनी जारी की है।
I4C के अनुसार कई फर्जी लोन एप्स खुद को बैंक या एनबीएफसी (NBFC) से अधिकृत बताकर लोगों को आसान और त्वरित लोन का लालच देते हैं। इन एप्स का असली मकसद यूजर्स की निजी जानकारी, कॉन्टैक्ट लिस्ट, फोटो, बैंकिंग डिटेल्स और अन्य संवेदनशील डेटा हासिल करना होता है। बाद में इसी जानकारी का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग, धमकी और अवैध वसूली के लिए किया जाता है।
I4C ने जारी की फर्जी लोन एप्स की सूची
साइबर एजेंसी ने जिन आठ संदिग्ध लोन एप्स से सावधान रहने को कहा है, उनमें फिनमोना-पर्सनल क्रेडिट, धनश्री सलाह, सफलस्कोर-ईजी लोन, फिनक्योर-क्रेडिट असिस्टेंट, रुपीजार-एसेट एक्सेस, एस लार्ज क्विक लोन असिस्टेंट, लोनब्लूम और ब्रायोक्रेडिट-क्रेडिट असिस्टेंट शामिल हैं।
ऐसे फंसाते हैं साइबर ठग
विशेषज्ञों के अनुसार फर्जी लोन एप्स कम ब्याज दर, तुरंत लोन स्वीकृति और न्यूनतम दस्तावेज़ीकरण का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। एप डाउनलोड करने के बाद ये कॉन्टैक्ट लिस्ट, फोटो गैलरी, कैमरा, माइक्रोफोन, लोकेशन और एसएमएस जैसी गैरजरूरी परमिशन मांगते हैं।
एक बार अनुमति मिलने के बाद साइबर ठग यूजर की निजी जानकारी तक पहुंच बना लेते हैं और जरूरत पड़ने पर उसी डेटा का इस्तेमाल दबाव बनाने और ब्लैकमेल करने में करते हैं।
भुगतान में देरी पर शुरू होती है ब्लैकमेलिंग
साइबर अपराधी समय पर भुगतान न होने पर पीड़ितों को लगातार कॉल और मैसेज करते हैं। कई मामलों में रिश्तेदारों और दोस्तों को भी मैसेज भेजे जाते हैं। कुछ ठग लोगों को ‘डिफॉल्टर’ बताकर बदनाम करने, फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप बनाने और मानसिक दबाव डालकर पैसे वसूलने की कोशिश करते हैं।
फर्जी और असली लोन एप में अंतर
विशेषज्ञों का कहना है कि वैध लोन एप्स आरबीआई के नियमों का पालन करते हैं और पंजीकृत बैंक या एनबीएफसी से जुड़े होते हैं। वहीं फर्जी एप्स अपनी पहचान छिपाते हैं, पारदर्शिता नहीं रखते और जरूरत से ज्यादा निजी जानकारी मांगते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
किसी भी लोन एप को डाउनलोड करने से पहले उसकी आधिकारिक वेबसाइट, रजिस्ट्रेशन, प्राइवेसी पॉलिसी और यूजर रिव्यू की जांच जरूर करें। केवल प्ले स्टोर पर उपलब्ध होना किसी एप के सुरक्षित होने की गारंटी नहीं है। सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर मिलने वाले लोन ऑफर्स पर आंख बंद कर भरोसा न करें।
फंस जाएं तो क्या करें?
यदि गलती से किसी फर्जी लोन एप के झांसे में आ जाएं तो घबराएं नहीं। तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें, नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज कराएं और अपने बैंक को सूचित करें। साथ ही स्क्रीनशॉट, कॉल रिकॉर्डिंग और ट्रांजैक्शन से जुड़े सभी सबूत सुरक्षित रखें।
विशेषज्ञों का कहना है कि सतर्कता और डिजिटल जागरूकता ही ऐसे साइबर फ्रॉड से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।









