ब्रेंट क्रूड 70 डॉलर पर लौटा, क्या सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल? पेट्रोलियम मंत्री ने दिया बड़ा संकेत

दुनियाभर में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें पश्चिम एशिया में संघर्ष से पहले के स्तर पर लौट आई हैं। इसके बाद भारत में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की उम्मीदें बढ़ गई हैं। हालांकि केंद्र सरकार ने फिलहाल कीमतें घटाने का कोई फैसला नहीं लिया है।
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री ने कहा कि यदि कच्चे तेल की कम कीमतें कुछ समय तक स्थिर बनी रहती हैं तो सरकार ईंधन की कीमतों की समीक्षा करेगी। उन्होंने बताया कि पेट्रोल और डीजल की मौजूदा कीमतें कुछ महीने पहले खरीदे गए कच्चे तेल की लागत के आधार पर तय होती हैं।
अभी क्यों नहीं सस्ता हुआ पेट्रोल-डीजल?
मंत्री के अनुसार, ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) अभी भी उस कच्चे तेल को प्रोसेस कर रही हैं, जिसे पश्चिम एशिया में संघर्ष के चरम के दौरान ऊंची कीमतों पर खरीदा गया था। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटने के बावजूद इसका असर अभी खुदरा ईंधन की कीमतों पर नहीं दिख रहा है।
उन्होंने बताया कि 30 जून तक पेट्रोल, डीजल और एलपीजी को लागत से कम कीमत पर बेचने के कारण सरकारी तेल कंपनियों को करीब 74,781 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा।
युद्ध के दौरान नहीं आई सप्लाई में बाधा
पुरी ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद भारत में तेल की सप्लाई प्रभावित नहीं हुई और न ही पेट्रोल पंपों पर ईंधन की किल्लत या लंबी कतारें देखने को मिलीं।
भारत में बढ़ोतरी कई देशों से कम
पेट्रोलियम मंत्री ने दावा किया कि 22 जून से 26 जून के बीच भारत में पेट्रोल की कीमतों में करीब 5 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि इसी अवधि में फ्रांस में 17.74%, जर्मनी में 19.05% और इटली में 18.39% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
उन्होंने पड़ोसी देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि पाकिस्तान में पेट्रोल 39.77%, श्रीलंका में 36.66%, नेपाल में 20.3% और बांग्लादेश में 42.69% तक महंगा हुआ।
70 डॉलर प्रति बैरल पर लौटा ब्रेंट क्रूड
पश्चिम एशिया में संघर्ष के दौरान होर्मुज स्ट्रेट बंद होने की आशंकाओं के बीच ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। हालांकि हाल में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के बाद ब्रेंट क्रूड फिर से करीब 70 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है।
इधर, निजी ईंधन कंपनी ने अपने 7,000 से अधिक पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल के दाम 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर घटा दिए हैं।
अब निगाहें केंद्र सरकार और सरकारी तेल कंपनियों पर हैं कि यदि कच्चे तेल की कीमतें इसी स्तर पर बनी रहती हैं, तो आम उपभोक्ताओं को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत कब तक मिलती है।








