उत्तराखण्ड

बिंदुखत्ता में राजस्व गांव की मांग को लेकर महारैली, मूसलाधार बारिश में भी उमड़ा जनसैलाब; गूंजे गिर्दा के जनगीत

लालकुआं न्यूज़- नैनीताल जिले के बिंदुखत्ता को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग को लेकर रविवार को हजारों ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। मूसलाधार बारिश के बावजूद आंदोलनकारियों के कदम नहीं रुके। लोग छाते लेकर महारैली में शामिल होने पहुंचे और बारिश के बीच भी रैली में भीड़ लगातार बढ़ती रही।

 

 

महारैली की शुरुआत जड़ सेक्टर इंटर कॉलेज से हुई, जो लालकुआं तहसील की ओर बढ़ी। रैली के दौरान गिर्दा के जनगीत गूंजते रहे। बारिश के बीच ग्रामीणों का उत्साह देखते ही बन रहा था। आंदोलनकारियों ने राजस्व गांव का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी भी की।

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करीब 20 साल से जारी है मांग

बिंदुखत्ता के ग्रामीण करीब दो दशक से क्षेत्र को राजस्व गांव का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि इस दौरान प्रदेश के पांच मुख्यमंत्री इस मांग को लेकर आश्वासन और वादे कर चुके हैं, लेकिन अभी तक इसका ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।

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ग्रामीणों का कहना है कि बिंदुखत्ता में बड़ी संख्या में सेना के जवानों और सेवानिवृत्त सैनिकों के परिवार रहते हैं। इसके बावजूद लंबे समय से उन्हें अपनी जमीन पर मालिकाना हक से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

 

 

 

लालकुआं तहसील में सौंपेंगे ज्ञापन

महारैली में शामिल आंदोलनकारी लालकुआं तहसील पहुंचकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे। संगठन की ओर से पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि इस बार केवल आश्वासन मिलने से आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।

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आंदोलनकारियों ने मांग पर ठोस निर्णय नहीं होने की स्थिति में महारैली के बाद आंदोलन को क्रमिक अनशन में बदलने की चेतावनी दी है। ऐसे में आज की महारैली को बिंदुखत्ता के राजस्व गांव के दर्जे की मांग को लेकर चल रहे लंबे आंदोलन में अहम पड़ाव माना जा रहा है।