उत्तराखण्डगढ़वाल,

देहरादून में पानी के विवाद में अधेड़ की मौत: पड़ोसी और उसके दो बेटों पर हत्या का आरोप, 9 दिन बाद दर्ज हुआ केस

विकासनगर (देहरादून)- भोजवाला क्षेत्र में खेत की सिंचाई के पानी को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पड़ोसी और उसके दो बेटों द्वारा कथित रूप से लाठी-डंडों और रॉड से किए गए हमले में 58 वर्षीय सुदेश पुंडीर की मौत हो गई। परिजनों ने इसे सुनियोजित हत्या बताया है, जबकि पुलिस ने मामले को लापरवाही से हुई मौत की धारा में दर्ज किया है। घटना 6 फरवरी की है, जबकि मुकदमा 15 फरवरी को दर्ज किया गया।

 

खेत में पानी जाने को लेकर हुआ था विवाद
जानकारी के अनुसार सुदेश पुंडीर (58), जो पेशे से हलवाई थे, अपने घर की बाउंड्री के भीतर पानी से सिंचाई कर रहे थे। इस दौरान कुछ पानी बगल में स्थित पड़ोसी अजयपाल के खेत में चला गया। इस पर अजयपाल ने आपत्ति जताई और कहा कि उसके खेत में पानी नहीं आना चाहिए।

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बताया जा रहा है कि सुदेश ने जवाब दिया, “पानी तो बरसात का भी गिरता है, उसे तो नहीं रोक पाते।” इसी बात पर विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई।

 

बेटों को बुलाकर किया हमला
मृतक के भाई प्रदीप पुंडीर के अनुसार, अजयपाल ने गुस्से में अपने बेटों वंश और कनिष्ठ को बुला लिया। आरोप है कि तीनों लाठी-डंडे और लोहे की रॉड लेकर आए और सुदेश पर हमला कर दिया। मारपीट के दौरान सुदेश गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए।
परिजन उन्हें तत्काल लेमन अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।

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9 दिन बाद दर्ज हुआ मुकदमा
परिजनों का आरोप है कि उन्होंने शुरू से ही इसे हत्या का मामला बताते हुए शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज नहीं किया। उनका कहना है कि पुलिस ने दबाव बनाकर साधारण मारपीट की शिकायत लिखवाई और 9 दिन तक मामला टालती रही।

 

आखिरकार 15 फरवरी को पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) — उतावलेपन या लापरवाही से मृत्यु — के तहत मुकदमा दर्ज किया।

 

पुलिस का पक्ष
पुलिस के अनुसार, झगड़े के दौरान सुदेश गड्ढे में गिर गए थे, जिससे उनकी मौत हुई। इसलिए प्रथम दृष्टया मामला हत्या का नहीं बल्कि लापरवाही से हुई मौत का प्रतीत होता है।

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विकासनगर कोतवाली के एसआई सनोज कुमार ने बताया कि मामले की जांच जारी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

परिवार में मचा कोहराम
घटना के बाद से परिवार में शोक और आक्रोश का माहौल है। परिजनों ने निष्पक्ष जांच और आरोपियों पर हत्या की धारा में कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों में भी घटना को लेकर रोष है।

 

पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि आवश्यक हुआ तो धाराओं में परिवर्तन किया जाएगा।