उत्तराखण्डकुमाऊं,

गौला नदी में खनन सत्र इस तारीख तक बढ़ा, 2.64 लाख घनमीटर उपखनिज निकासी का लक्ष्य शेष

उत्तराखंड सरकार को सर्वाधिक राजस्व देने वाली गौला नदी में खनन सत्र को एक बार फिर बढ़ा दिया गया है। शासन ने निर्धारित खनन लक्ष्य को पूरा करने के उद्देश्य से गौला नदी में खनन कार्य की अवधि 19 जून 2026 तक बढ़ाने के आदेश जारी किए हैं।

 

वर्ष 2025-26 के लिए गौला नदी में कुल 51,15,946.59 घनमीटर उपखनिज निकासी का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 27 मई 2026 तक 48,51,033.80 घनमीटर उपखनिज की निकासी की जा चुकी है, जबकि अभी भी 2,64,912.79 घनमीटर लक्ष्य पूरा किया जाना बाकी है।

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वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार शेष लक्ष्य को निर्धारित समयावधि में पूरा करने के लिए खनन सत्र की अवधि बढ़ाई गई है। इस बार हक-हकूक के तहत स्थानीय ग्रामवासियों को भी परमिट जारी किए गए हैं। ग्रामीणों द्वारा निकाले जाने वाले उपखनिज को भी निर्धारित खनन लक्ष्य में शामिल किया जाएगा।

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वन क्षेत्राधिकारी गौला चंदन सिंह अधिकारी ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुपालन में गौला नदी का खनन सत्र 19 जून तक बढ़ा दिया गया है। विभाग का प्रयास है कि तय समय सीमा के भीतर शेष लक्ष्य की पूर्ति कर ली जाए।

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गौरतलब है कि गौला नदी प्रदेश सरकार के लिए राजस्व का प्रमुख स्रोत मानी जाती है। हर वर्ष यहां से होने वाले खनन कार्य के माध्यम से सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। ऐसे में निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति को लेकर विभाग लगातार प्रयासरत है।