उत्तराखण्डकुमाऊं,

यहाँ धरना, वहाँ विरोध: तहसील परिसर में आमने-सामने आए लोग

लालकुआं न्यूज़– सेंचुरी पल्प एंड पेपर्स मिल से निकलने वाले नाले को लेकर प्रदूषण फैलने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कुछ स्थानीय युवाओं ने लालकुआं तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू किया। धरने के दौरान नगर की दर्जनों महिलाएं जुलूस के रूप में तहसील परिसर पहुंच गईं और धरनारत युवाओं का खुलकर विरोध करने लगीं। महिलाओं ने नेतागिरी बंद करो और नेतागिरी नहीं चलेगी के नारों के साथ तहसील परिसर के चारों ओर जुलूस निकाला।

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उन्होंने धरना दे रहे लोगों पर प्रदूषण के नाम पर राजनीति करने और गरीबों की रोजी-रोटी छीनने का आरोप लगाया। महिलाओं का कहना था कि कुछ लोग बार-बार ऐसे मुद्दों को लेकर आंदोलन कर अपने निजी और राजनीतिक हित साधने में लगे रहते हैं। महिलाओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि सेंचुरी मिल से उन्हें प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता है, जिससे उनके परिवारों का भरण-पोषण होता है।

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इस प्रकार के धरना-प्रदर्शन से मिल का कार्य प्रभावित होता है, जिसका सीधा असर मजदूरों और गरीब परिवारों की आजीविका पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि रोजगार से जुड़े संस्थानों के कामकाज में बार-बार व्यवधान डालना अनुचित है।

 

इस दौरान धरना दे रहे युवाओं और महिलाओं के बीच तीखी नोक-झोंक भी हुई, जिससे कुछ समय के लिए तहसील परिसर में तनाव का माहौल बन गया।

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महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि धरना समाप्त नहीं किया गया तो वे स्वयं भी बड़ी संख्या में धरना देकर इसका विरोध करेंगी। वहीं नाले से प्रदूषण के आरोपों को लेकर सेंचुरी पल्प एंड पेपर्स मिल प्रबंधन ने सफाई देते हुए कहा कि मिल में प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी आवश्यक उपकरण स्थापित हैं तथा पर्यावरणीय मानकों का पूर्ण रूप से अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है।