उत्तराखण्डकुमाऊं,

केदारनाथ यात्रा पर जाने से पहले पढ़ लें ये जरूरी नियम, वरना हो सकती है परेशानी

उत्तराखंड– केदारनाथ धाम के कपाट बुधवार सुबह विधि-विधान, विशेष पूजा, अभिषेक और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलने के पावन अवसर पर बाबा केदार की प्रथम पूजा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से संपन्न की गई। इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी धाम में मौजूद रहे।

 

कपाट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। बाबा केदार के दर्शन के लिए पहले ही दिन 10 हजार से अधिक भक्त धाम पहुंच गए। इस खास मौके पर श्रद्धालुओं का स्वागत हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर किया गया, जिससे पूरा धाम भक्ति और उल्लास के रंग में रंगा नजर आया।

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चारधाम यात्रा के तहत यमुनोत्री धाम और गंगोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर पहले ही खोले जा चुके हैं। वहीं बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।

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यात्रा पर जाने से पहले इन नियमों का रखें ध्यान

  • चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है। श्रद्धालुओं को उत्तराखंड पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट/ऐप पर पहले से पंजीकरण कराना होगा।
  • मंदिर परिसर और गर्भगृह में मोबाइल फोन, कैमरा, रील्स बनाने और वीडियोग्राफी पर पूर्ण प्रतिबंध है। श्रद्धालुओं को अपने मोबाइल 50 से 70 मीटर पहले ही जमा कराने होंगे।
  • केदारनाथ धाम में दर्शन व्यवस्था को लेकर विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनका पालन करना सभी श्रद्धालुओं के लिए जरूरी होगा।
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प्रशासन और मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि यात्रा के दौरान सभी नियमों का पालन करें, ताकि यात्रा सुगम और सुरक्षित बनी रहे।