दुःखद खबर: जम्मू में ड्यूटी के दौरान 21 वर्षीय रोहित सिंह ने देश के लिए दिया सर्वोच्च बलिदान

टिहरी गढ़वाल- जनपद टिहरी गढ़वाल के घनसाली क्षेत्र से एक दुखद खबर सामने आई है। जम्मू में तैनात भारतीय सेना के अग्निवीर रोहित सिंह अपनी ही सर्विस रायफल से गोली लगने के कारण बलिदान हो गए। हालांकि गोली लगने की परिस्थितियों को लेकर अभी तक सेना की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
जानकारी के अनुसार, थाना घनसाली क्षेत्र की पट्टी भिलंग स्थित ग्राम पंचायत मेंदू सिंधवाल निवासी 21 वर्षीय रोहित सिंह एक वर्ष पूर्व भारतीय सेना की 20 गढ़वाल राइफल में अग्निवीर के रूप में भर्ती हुए थे। हाल ही में उन्होंने अपनी छह माह की सैन्य ट्रेनिंग पूरी की थी, जिसके बाद उनकी तैनाती जम्मू में की गई थी।
बताया जा रहा है कि 10 जून की सुबह रोहित सिंह को उनकी सर्विस रायफल से गोली लग गई, जिससे उनका निधन हो गया। घटना की सूचना मिलते ही सेना ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव पहुंचाया।
ग्राम पंचायत मेंदू सिंधवाल के ग्राम प्रधान कुंवर सिंह ने बताया कि रोहित एक होनहार और अनुशासित युवा थे। सेना में भर्ती होने के बाद उन्होंने पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया था। उनके असमय निधन से गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
रोहित सिंह के पिता सुरेंद्र सिंह दुबई में एक होटल में कार्यरत हैं, जबकि उनका छोटा भाई मोहित कक्षा नौ का छात्र है। बेटे के बलिदान की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में मातम का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
शुक्रवार को रोहित सिंह का अंतिम संस्कार पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव में किया जाएगा। उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों के पहुंचने की संभावना है।
स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने रोहित सिंह के बलिदान को नमन करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि देश सेवा के लिए दिया गया रोहित का सर्वोच्च बलिदान सदैव याद रखा जाएगा और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।







