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अग्निवीर योजना का पहला बैच होगा डिस्चार्ज, शादी पर सेना का सख्त नियम; नियम तोड़ा तो परमानेंट नौकरी से बाहर

नई दिल्ली- भारतीय सेना की अग्निवीर योजना को लेकर एक बार फिर बड़ी और अहम जानकारी सामने आई है। साल 2022 में शुरू हुई इस योजना का पहला बैच अब अपने चार साल का कार्यकाल पूरा करने जा रहा है। ऐसे में हजारों अग्निवीरों के भविष्य को लेकर चल रही अटकलों पर सेना ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

 

सेना ने साफ कर दिया है कि परमानेंट सैनिक बनने की प्रक्रिया में अनुशासन, नियमों का पालन और अविवाहित स्थिति सबसे महत्वपूर्ण शर्तों में शामिल होगी।

 

जून-जुलाई में 20 हजार से ज्यादा अग्निवीर होंगे डिस्चार्ज
सेना से मिली जानकारी के मुताबिक, जून और जुलाई 2026 में 20 हजार से अधिक अग्निवीरों को चार साल की सेवा पूरी होने के बाद डिस्चार्ज किया जाएगा। इनमें से लगभग 25 प्रतिशत अग्निवीरों को उनके प्रदर्शन, लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता के आधार पर परमानेंट सैनिक बनने का मौका मिलेगा।

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शादी पर सेना का सख्त रुख
परमानेंट कमीशन को लेकर सेना ने शादी से जुड़े नियमों को बेहद स्पष्ट कर दिया है।

 

सेना के अनुसार:

  • अग्निवीर अपने 4 साल के कार्यकाल के दौरान शादी नहीं कर सकते
  • डिस्चार्ज के तुरंत बाद भी शादी की अनुमति नहीं होगी
  • जब तक परमानेंट सैनिक बनने की पूरी चयन प्रक्रिया और अंतिम परिणाम घोषित नहीं हो जाता, तब तक अग्निवीरों को अविवाहित रहना अनिवार्य होगा
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नियम तोड़ने वालों को नहीं मिलेगा मौका
सेना ने चेतावनी दी है कि यदि कोई अग्निवीर इस अवधि में शादी करता पाया गया, तो उसे परमानेंट सैनिक बनने की प्रक्रिया से तुरंत बाहर कर दिया जाएगा।

भले ही उम्मीदवार का प्रदर्शन कितना भी बेहतर क्यों न हो, नियम उल्लंघन की स्थिति में उसे अयोग्य माना जाएगा।

उम्र और चयन प्रक्रिया का पूरा गणित
अग्निवीरों की भर्ती सामान्यतः 21 वर्ष की उम्र तक होती है और चार साल की सेवा के बाद वे करीब 25 वर्ष की उम्र में डिस्चार्ज होते हैं।

 

डिस्चार्ज के बाद परमानेंट सैनिक बनने की चयन प्रक्रिया में लगभग 4 से 6 महीने का समय लग सकता है। इस दौरान सेना का फोकस अनुशासन, आचरण और रिकॉर्ड पर रहेगा।

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केवल योग्य और अनुशासित अग्निवीरों को मिलेगा मौका
सेना ने स्पष्ट किया है कि परमानेंट कमीशन के लिए वही अग्निवीर आवेदन कर सकेंगे—

जिन्होंने चार साल का कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा किया हो
जिनका सेवा रिकॉर्ड अच्छा हो
जिन्होंने पूरी अवधि में शादी न की हो
और जो सभी नियमों व अनुशासन पर खरे उतरते हों
सेना का मानना है कि यह प्रक्रिया केवल सर्वश्रेष्ठ, अनुशासित और प्रतिबद्ध युवाओं को परमानेंट फोर्स में शामिल करने के उद्देश्य से बनाई गई है।