उत्तराखंड में दर्दनाक सड़क हादसे: चमोली और रुद्रप्रयाग में दंपती व पिता-पुत्र समेत छह की मौत, आठ घायल

उत्तराखंड के चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में शनिवार को हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच बच्चों सहित आठ लोग घायल हो गए। दोनों हादसों ने परिवारों की खुशियां छीन लीं और संबंधित क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई।

चमोली में शोकसभा में जा रहा परिवार हादसे का शिकार
पहला हादसा शनिवार सुबह करीब चार बजे चमोली जिले के नंदा देवी राजजात मार्ग पर देवाल-लोहाजंग के ल्वांणी गांव के पास हुआ। जानकारी के अनुसार वाक गांव निवासी बलवीर सिंह (52) अपने चाचा भजन सिंह के निधन के बाद परिवार के साथ गांव लौट रहे थे। भजन सिंह का शुक्रवार को देहरादून के एक अस्पताल में निधन हो गया था और उनका शव देर रात गांव पहुंचा था।

बलवीर सिंह अपनी ईको वैन से पत्नी शांति देवी (48), बेटे आशीष (18) तथा परिवार के अन्य सदस्यों को लेकर गांव जा रहे थे। इसी दौरान ल्वांणी गांव के पास वाहन अनियंत्रित होकर करीब 400 मीटर गहरी खाई में जा गिरा।

हादसे में वाहन चला रहे बलवीर सिंह, उनकी पत्नी शांति देवी और बेटे आशीष की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कविता देवी, मयंक और रोशनी घायल हो गए। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद एयर एंबुलेंस से देहरादून रेफर किया गया।

थानाध्यक्ष विनोद चौरसिया के अनुसार प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण चालक को झपकी आना माना जा रहा है।
रुद्रप्रयाग में गांव लौट रहे परिवार पर टूटा कहर
दूसरा हादसा रुद्रप्रयाग जिले के ऊखीमठ क्षेत्र के भीरी-पेलिंग मार्ग पर भूतेर तोक के पास हुआ। दिल्ली से छुट्टियां मनाने अपने पैतृक गांव उथिंड आ रहा एक परिवार हादसे का शिकार हो गया।
बताया गया कि सिलेरियो कार अचानक अनियंत्रित होकर करीब 50 मीटर गहरी खाई में गिर गई और नीचे पहाड़ी पर एक पेड़ से टकराकर रुक गई।
हादसे में महेंद्र सिंह (68), उनके बेटे अंजन सिंह (42) और बहू संगीता देवी (32) की मौत हो गई। वहीं रेशमा देवी, विहान, वैभव, दक्षित और सान्वी घायल हो गए। घायलों को स्थानीय लोगों और राहत टीमों की मदद से खाई से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
प्रदेश में सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
एक ही दिन में दो अलग-अलग जिलों में हुए इन दर्दनाक हादसों ने प्रदेश में पर्वतीय सड़कों पर सुरक्षित यात्रा को लेकर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसों के बाद दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है, जबकि प्रशासन ने दुर्घटनाओं की जांच शुरू कर दी है।








