उत्तराखण्डकुमाऊं,

हल्दूचौड़ महाविद्यालय में दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न, नशा मुक्ति, मानसिक स्वास्थ्य और एंटी रैगिंग पर जागरूकता

हल्दूचौड़ स्थित लाल बहादुर शास्त्री राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आई.क्यू.ए.सी. के अंतर्गत दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, ड्रग एडिक्शन, यौन उत्पीड़न और एंटी रैगिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक करना रहा।

 

कार्यक्रम के प्रथम दिवस “नशा मुक्त समाज” एवं “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो” विषय पर पोस्टर एवं स्लोगन प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। द्वितीय दिवस की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं वंदना के साथ हुई। कार्यशाला की संयोजक द्वारा कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की गई, जिसके बाद प्रभारी प्राचार्य डॉ. अनीता सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।

 

इस अवसर पर डॉ. भारत भूषण ने युवाओं पर नशे के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नशा केवल करने वाले को ही नहीं, बल्कि उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है। उन्होंने समाज को नशामुक्त बनाने के लिए सामूहिक जागरूकता की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं डॉ. निकिता देऊपा ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से नशे के प्रभावों को समझाते हुए बताया कि मस्तिष्क में उत्पन्न रासायनिक बदलाव किस प्रकार व्यक्ति के व्यवहार और स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं।

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प्रो. एल.एम. पांडे ने एंटी रैगिंग कानूनों की जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार का शारीरिक या मानसिक उत्पीड़न दंडनीय अपराध है और इसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती है। वहीं प्रो. चंद्रावती जोशी ने यौन उत्पीड़न पर चर्चा करते हुए ‘पॉश एक्ट 2013’ के प्रावधानों से अवगत कराया और संस्थानों में आंतरिक शिकायत समितियों के गठन की अनिवार्यता बताई।

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कार्यक्रम में बी.एड. के छात्र-छात्राओं भगवंत बिष्ट, नितिन कांडपाल, ईशा तड़ियाल और प्रतीक्षा शाही ने भी महिला सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर अपने विचार रखे। अंत में सभी को नशा उन्मूलन की शपथ दिलाई गई।

 

 

प्रतियोगिताओं में पोस्टर प्रतियोगिता में किरण ने प्रथम, निकिता आर्या ने द्वितीय और मनोज जोशी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं स्लोगन प्रतियोगिता में हेमा आर्या प्रथम, खुशबू परगांई द्वितीय और जाह्नवी बोरा तृतीय स्थान पर रहीं। विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।

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कार्यक्रम में डॉ. अनीता सिंह, प्रो. आर.के. सिंह, प्रो. बीना मथेला, डॉ. कल्पना शाह, डॉ. विपिन चंद्र जोशी, डॉ. अजीत सैनी, डॉ. पूनम मियान, डॉ. आर.के. सनवाल, डॉ. भगवती देवी, डॉ. गीता तिवारी, डॉ. भारत सिंह, डॉ. नीलम कानवल, डॉ. कमला पांडे, डॉ. चंद्रकांता, डॉ. सुनीता दानू, डॉ. वीरेंद्र दानू, डॉ. जगत सिंह विष्ट और डॉ. कमलेश त्रिपाठी सहित कई प्राध्यापक उपस्थित रहे।

 

कार्यक्रम का संचालन डॉ. तारा भट्ट ने किया, जबकि अंत में प्रो. बीना मथेला ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। अतिथियों को प्रतीक स्वरूप पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया।