उत्तराखण्डगढ़वाल,

उत्तराखंड- यहां पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, 1 साल के बच्चे का अपहण करने वाले देवर- भाभी को यहां से किया गिरफ्तार, पढ़े पूरी खबर

हरकी पैड़ी क्षेत्र से चार दिन पहले मासूम का अपहरण भीख मंगवाने के लिए हुआ था। पुलिस और एसओजी की टीमों ने मेरठ और मुजफ्फरनगर निवासी महिला सहित दो आरोपितों को गिरफ्तार करते हुए मासूम को बरामद कर लिया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल ने घटना का पर्दाफाश किया। लगभग 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और मुखबिर की मदद से पुलिस को यह कामयाबी हासिल हुई है। मां की गोद में जाते ही मासूम उसके आंचल में सिमट गया। इस दौरान हर कोई भावुक हो गया।

एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि हरकी पैड़ी क्षेत्र में भीख मांगने वाली नीतू निवासी ग्राम दुमरिया बस्ती थाना अमरपुर जिला बांका बिहार नौ अप्रैल को अपने दो बच्चों को लेकर हरकी पैड़ी पर भीख मांग रही थी। तभी एक श्रद्धालु खाना बांट रहा था। महिला अपने एक साल के बेटे को फर्श पर बैठाकर खाना लेने चली गई। वापस लौटी तो बेटा गायब मिला।

पुलिस टीमों ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए घटनास्थल पर पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज देखना शुरू कर दिया। जिसमें लगभग 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने पर एक व्यक्ति मासूम को गोद में उठाकर ले जाता नजर आया। छानबीन में मिले सुराग के आधार पर अलग-अलग पुलिस टीमों को मेरठ और मुजफ्फरनगर भेजा गया था।

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एसएसपी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा और एसओजी प्रभारी निरीक्षक ऐश्वर्य पाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कलियर-रुड़की रोड पर गंगनहर पटरी से अपहरणकर्ता देवेंद्र निवासी ग्राम जड़बड़ जरवर मीरनपुर थाना कुप्रोली जिला मुजफ्फरनगर व लोकेशो देवी निवासी ग्राम नारगपुर थाना परतापुर मेरठ को गिरफ्तार करते हुए मासूम को बरामद कर लिया।

पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपित गांव के रिश्ते में देवर-भाभी लगते हैं। आरोपितों ने बालक का अपहरण भिक्षावृत्ति व भविष्य में किसी जरूरतमंद को बच्चा बेचकर मुनाफाखोरी के लिए किया था।

प्रेस कांफ्रेंस में एसएसपी ने मासूम को उसकी मां के सुपुर्द किया तो वह चहक उठा। सबके चेहरों पर मुस्कान दौड़ गई। इस दौरान एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह, सीओ सिटी जूही मनराल, शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा मौजूद रहे।

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मासूम का अपहरण करने वालों तक पहुंचने में एक आरोपित की मुफ्तखोरी ने पुलिस का काम आसान किया। दरअसल, सातवीं पास आरोपित देवेंद्र पूर्व में सोहराब गेट मेरठ रोडवेज डिपो में वर्कशाप में संविदाकर्मी रह चुका है। उस दौरान आरोपित का मुफ्त यात्रा पास बना हुआ था। जिसे वह कई साल बाद तक भी इस्तेमाल कर रहा था। हरिद्वार से मासूम का अपहरण कर लौटने के दौरान भी देवेंद्र ने इसी पास का इस्तेमाल किया।

हरकी पैड़ी क्षेत्र से कैमरों की फुटेज खंगालते हुए रोडवेज बस अड्डा पहुंची। पुलिस ने जब बस के परिचालक से पूछताछ की तो उसने कैमरे में दिख रहे आरोपित का हुलिया पहचान लिया। साथ ही पुलिस को बताया कि टिकट के लिए कहने पर आरोपित ने रोडवेज की मुफ्त यात्रा का पास दिखाया था। पास के बारे में और जानकारी जुटाते हुए पुलिस ने आरोपित को चिह्नित कर लिया।

शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा ने बताया कि रोडवेज से काम छूटने के बाद आरोपित कई साल से इसी पास पर मुफ्त यात्रा करते हुए उत्तर प्रदेश रोडवेज को चपत लगा रहा था।

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धर्मनगरी में बच्चा चोरी और अपहरण की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। एक साल के भीतर छह मासूम चोरी हुए हैं। जबकि पिछले एक सप्ताह के भीतर दो घटनाएं हो चुकी हैं। हालांकि, अच्छी बात सभी घटनाओं में पुलिस ने मासूमों को सकुशल बरामद किया है।

ताजा घटना में शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा, हरकी पैड़ी चौकी प्रभारी संजीव चौहान व कांस्टेबल निर्मल ने अच्छा कार्य किया है। एसएसपी ने उन्हें शाबाशी दी। वहीं, मासूम के स्वजन ने बार-बार पुलिस को धन्यवाद दिया। स्वजन का कहना था कि उन्हें इतनी जल्दी बेटा सकुशल वापस मिलने की उम्मीद नहीं थी। लेकिन पुलिस ने यह कर दिखाया।

एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने अपनी गोद में मासूम को लेकर दुलारा। इसके साथ ही दंपती को नसीहत भी दी कि आगे से बच्चे का ख्याल रखेंगे और अकेला नहीं छोड़ेंगे।