उत्तराखंड- यहाँ हुआ दर्दनाक हादसा: डैम से अचानक छोड़े गए पानी में बहकर 3 साल की मासूम की मौत

देहरादून जनपद के त्यूणी क्षेत्र में गुरुवार को एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां पावर नदी में अचानक बढ़े जलस्तर की चपेट में आने से तीन वर्षीय मासूम बच्ची की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने हिमाचल प्रदेश स्थित जल विद्युत परियोजना प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
जानकारी के अनुसार, कैलाश थापा निवासी त्यूणी की तीन वर्षीय बेटी गुरुवार को सरनाड पाणी क्षेत्र के पास पावर नदी किनारे दो अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान हिमाचल प्रदेश की ओर स्थित सावड़ा-कुड्डू जल विद्युत परियोजना के हाटकोटी डैम से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया। देखते ही देखते तेज बहाव ने बच्ची को अपनी चपेट में ले लिया और वह नदी में बह गई।
बताया जा रहा है कि बच्ची के साथ मौजूद दो अन्य बच्चों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई और आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही त्यूणी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।
बच्चों की निशानदेही और डैम से पानी का बहाव कम होने के बाद पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद मासूम बच्ची का शव पावर नदी से बरामद कर लिया। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि डैम से पानी छोड़े जाने से पहले किसी प्रकार का सायरन या चेतावनी नहीं दी गई। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते अलर्ट जारी किया जाता तो बच्ची की जान बचाई जा सकती थी। घटना को लेकर क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी है और परियोजना प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।








