उत्तराखंड- यहाँ बगुलदार का हमला: घर लौट रहे मिस्त्री को घसीटकर मार डाला, गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग कर्मियों को बनाया बंधक

पौड़ी जिले के जामलाखाल क्षेत्र में गुलदार के हमले से एक व्यक्ति की मौत के बाद इलाके में दहशत फैल गई। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों को पंचायत भवन में बंधक बनाकर एक कमरे में बंद कर दिया। बाद में आदमखोर गुलदार को पकड़ने के आश्वासन पर उन्हें छोड़ दिया गया।
जानकारी के अनुसार जामलाखाल के चिवालू निवासी 45 वर्षीय प्रकाश लाल सोमवार शाम करीब साढ़े छह बजे बालमाणा गांव से मिस्त्री का काम करके अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान पटवारी चौकी के पास घात लगाए बैठे गुलदार ने उन पर अचानक हमला कर दिया। हमला इतना अचानक था कि प्रकाश लाल को संभलने तक का मौका नहीं मिला और गुलदार उन्हें घसीटकर जंगल की ओर ले गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
रात तक घर नहीं पहुंचे तो शुरू हुई तलाश
जब प्रकाश लाल देर रात तक घर नहीं पहुंचे तो परिजनों और ग्रामीणों को चिंता हुई। इसके बाद लोगों ने आसपास के इलाकों में उनकी तलाश शुरू कर दी। मंगलवार सुबह खोजबीन के दौरान उनका शव बरामद हुआ। शव मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
गुस्साए ग्रामीणों ने अधिकारियों को बनाया बंधक
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। गुस्साए लोगों ने मौके पर पहुंचे प्रशासन और वन विभाग के कर्मचारियों को पंचायत भवन में बंधक बना लिया और एक कमरे में बंद कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार का आतंक बना हुआ है, लेकिन वन विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।
आदमखोर गुलदार को पकड़ने की मांग
ग्रामीणों ने वन विभाग से आदमखोर गुलदार को जल्द पकड़ने और इलाके में गश्त बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार हो रही घटनाओं के कारण शाम ढलते ही गांव में डर का माहौल बन जाता है।
दो महीने में दूसरी घटना
जामलाखाल क्षेत्र में गुलदार का यह पहला हमला नहीं है। इससे पहले 14 जनवरी को बाड़ा गांव में भी गुलदार ने एक नेपाली मजदूर को अपना शिकार बनाया था। लगातार दूसरी घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत और नाराजगी दोनों बढ़ गई हैं।








