उत्तराखण्डगढ़वाल,

उत्तराखंड- यहाँ अंगीठी बनी मौत का कारण, बंद कमरे में दम घुटने से युवक की मौत

उत्तरकाशी जिले में कड़ाके की ठंड से बचने के लिए कमरे में अंगीठी जलाकर सोना एक युवक के लिए जानलेवा साबित हुआ। हर्षिल क्षेत्र के झाला गांव में एक होटल में कार्यरत 25 वर्षीय युवक की कार्बन मोनोऑक्साइड गैस से दम घुटने के कारण मौत हो गई। घटना से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, महेश (25) निवासी ग्राम हीना, हर्षिल के झाला क्षेत्र स्थित एक होटल में काम करता था। मंगलवार रात क्षेत्र में भारी बर्फबारी के कारण तापमान शून्य से काफी नीचे चला गया था। ठंड से बचने के लिए महेश ने अपने कमरे में कोयले की अंगीठी जलाई और दरवाजा बंद कर सो गया।

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कमरा पूरी तरह बंद होने के कारण अंगीठी से निकली जहरीली गैस कमरे में भर गई। सुबह जब होटल में ठहरे पर्यटकों को काफी देर तक चाय-नाश्ता नहीं मिला, तो उन्होंने महेश को आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। शक होने पर होटल संचालक को सूचना दी गई। स्थानीय लोगों ने जब दरवाजा तोड़ा, तो कमरे में धुएं का गुबार भरा हुआ था और महेश बिस्तर पर अचेत पड़ा मिला।

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महेश को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर हर्षिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची, शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया और बाद में शव परिजनों को सौंप दिया।

 

⚠️ पुलिस की अपील
पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बंद कमरों में अंगीठी, कोयला या हीटर का उपयोग करते समय वेंटिलेशन का विशेष ध्यान रखें। बंद कमरे में अंगीठी जलाना जानलेवा साबित हो सकता है।

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क्यों खतरनाक है बंद कमरे में अंगीठी?
विशेषज्ञों के अनुसार, बंद कमरे में कोयला या लकड़ी जलने पर ऑक्सीजन की कमी के कारण कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनती है। यह गैस रंगहीन और गंधहीन होती है, जिससे व्यक्ति को खतरे का अहसास नहीं होता और सोते समय ही दम घुटने से मौत हो सकती है।