उत्तराखंड में फिर बिगड़ेगा मौसम, 30-31 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट; पहाड़ी जिलों में यलो अलर्ट

देहरादून न्यूज़- उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। राज्य के पहाड़ी जिलों में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारों का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 29 अगस्त को पर्वतीय जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कहीं-कहीं आकाशीय बिजली चमकने के साथ बारिश के तेज से अति तेज दौर हो सकते हैं।
वहीं, मैदानी जिलों हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।
चमोली में लैंडस्लाइड से बद्रीनाथ हाईवे प्रभावित
प्रदेश में बारिश का असर पहले से ही दिखाई दे रहा है। चमोली जिले में भारी लैंडस्लाइड के कारण बद्रीनाथ हाईवे बाधित हुआ है। वहीं, बागेश्वर के कपकोट, देहरादून और ऋषिकेश समेत कई क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा भी बना हुआ है।
मौसम विभाग ने 30 और 31 अगस्त को प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही राज्यभर में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
29 अगस्त: पहाड़ी जिलों में यलो अलर्ट
29 अगस्त को उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तेज से अति तेज दौर होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इसे लेकर यलो अलर्ट जारी किया है।
30 अगस्त: छह जिलों में भारी बारिश की संभावना
30 अगस्त को देहरादून, पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा प्रदेश के सभी जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और बारिश के तेज से अति तेज दौर होने की आशंका है।
31 अगस्त: आठ जिलों में भारी बारिश का अनुमान
31 अगस्त को देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही राज्य के सभी जिलों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर हो सकते हैं।
पहाड़ों में बढ़ा भूस्खलन का खतरा
लगातार बारिश और मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क बाधित होने और नदियों-नालों के जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और अनावश्यक रूप से संवेदनशील इलाकों की यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।








