उत्तराखण्डकुमाऊं,

बरेली रोड हादसे में B.Com छात्रा की मौत, मंडी चौकी के सामने शव रखकर परिजनों का हंगामा

हल्द्वानी न्यूज़- बरेली रोड पर बुधवार देर रात हुए सड़क हादसे में 22 वर्षीय बीकॉम छात्रा मीनाक्षी साहू की मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों ने पुलिस पर कार्रवाई में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार दोपहर मंडी चौकी के सामने शव रखकर हाईवे पर जाम लगा दिया। करीब आधे घंटे तक हंगामा चलता रहा। सूचना पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद उन्होंने शव को सड़क से हटाया।

 

 

कार की टक्कर से ऑटो पलटने का आरोप

तीनपानी डी-ब्लॉक निवासी संतोष कुमार साहू ने बताया कि उनकी 22 वर्षीय बेटी मीनाक्षी बीकॉम अंतिम वर्ष की छात्रा थी। पढ़ाई के साथ वह मंगलपड़ाव स्थित एक पार्लर से ब्यूटीशियन का कोर्स भी कर रही थी।

 

 

बुधवार रात मीनाक्षी पार्लर से ऑटो रिक्शा में सवार होकर घर लौट रही थी। परिजनों के मुताबिक, बरेली रोड पर नागपाल टावर के पास पीछे से आई तेज रफ्तार अज्ञात कार ने ऑटो को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ऑटो पलट गया और कार चालक मौके से फरार हो गया।

 

 

ऑटो पलटने के दौरान मीनाक्षी सड़क पर गिर गई और पीछे से आ रहे एक अन्य ऑटो के नीचे दब गई। चालक ने ब्रेक लगाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक मीनाक्षी गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। मौके पर मौजूद एक अज्ञात व्यक्ति ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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आधी रात चौकी में दी तहरीर, सुबह भी कार्रवाई न होने का आरोप

परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद बुधवार देर रात करीब एक बजे ही उन्होंने मंडी चौकी में तहरीर दे दी थी। इसके बाद सुबह घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी निकलवाई गई, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की।

 

 

बृहस्पतिवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद करीब 1:30 बजे मीनाक्षी का शव परिजनों को सौंप दिया गया। शव घर ले जाने के बजाय परिजन और अन्य लोग उसे मंडी चौकी के सामने बरेली रोड पर ले आए और हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया।

 

 

पुलिस और परिजनों के बीच तीखी बहस

शव सड़क पर रखे जाने की सूचना मिलते ही चौकी पुलिस ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।

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मामले की जानकारी मिलने पर कोतवाल विजय मेहता भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान पुलिस और परिजनों के बीच तीखी बहसबाजी और कहासुनी हुई। बाद में एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र और सीओ सिटी अमित कुमार सैनी भी मौके पर पहुंचे।

 

 

पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। काफी देर तक समझाने के बाद परिजन हाईवे से शव हटाने के लिए तैयार हुए। इसके बाद जाम खुलवाकर यातायात सुचारु कराया गया और परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए लेकर चले गए।

 

 

हादसे की वजह को लेकर सामने आया दूसरा तथ्य

इस मामले में हादसे की वजह को लेकर एक और तथ्य भी सामने आया है। मीनाक्षी के पिता की ओर से बुधवार रात दी गई तहरीर में ऑटो को पीछे से कार द्वारा टक्कर मारे जाने की बात कही गई है। वहीं, बृहस्पतिवार को हंगामे के दौरान कुछ लोगों ने दावा किया कि ऑटो सड़क पर बने गड्ढे के कारण पलटा था और इसी दौरान मीनाक्षी हादसे का शिकार हुई।

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पुलिस अब पूरे घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हादसे की वास्तविक वजह की जांच करेगी।

 

 

राखी पर सूनी रह गई भाई की कलाई

मीनाक्षी के परिवार में माता-पिता के अलावा एक भाई शुभम और छोटी बहन हैं। परिजनों के मुताबिक, शुभम रोजाना अपनी बहन को पार्लर से घर लाने के लिए तीनपानी पहुंचता था। बुधवार रात भी वह बहन के लौटने का इंतजार कर रहा था, लेकिन उसे क्या पता था कि कुछ देर बाद उसे अपनी बहन की मौत की खबर मिलेगी।

 

 

रक्षाबंधन के मौके पर बहन के चले जाने से परिवार में मातम पसरा हुआ है।

 

 

पुलिस का क्या कहना है?

एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि पूरे घटनाक्रम के साथ परिजनों से दोबारा तहरीर मांगी गई है। तहरीर के आधार पर जल्द प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि भीड़ को समझाकर हाईवे से हटाया गया और जाम खुलवाकर यातायात सुचारु कराया गया।