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उत्तराखंड में बारिश का कहर: देहरादून में कारें बहने से 2 की मौत, भीमताल में मासूम समेत 9 लोगों ने गंवाई जान

उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य के कई जिलों में बारिश, भूस्खलन, मलबा आने और नदियों-नालों के उफान पर आने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। मंगलवार को बारिश और आपदा से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है।

 

 

देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में बरसाती रपटे के तेज बहाव में दो कारें बह गईं। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। सूचना मिलते ही पुलिस, SDRF और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान चलाया।

 

 

वहीं नैनीताल जिले के भीमताल क्षेत्र में नाले के तेज बहाव में बहने से 4 वर्षीय बच्ची पिहू आर्या की मौत हो गई। लगातार बारिश के कारण क्षेत्र के कई छोटे नाले और गदेरे उफान पर हैं।

 

 

अल्मोड़ा जिले में भी बारिश ने कहर बरपाया है। यहां एक मकान में पहाड़ी से मलबा घुसने से मां और उसके दो बच्चों की मौत हो गई। वहीं एक अन्य हादसे में दीवार गिरने से दो नेपाली मजदूरों की जान चली गई।

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उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ के पास झील से भी एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया गया है। जिले में भारी बारिश के चलते कई सड़कें बंद हैं, जबकि कई घरों में मलबा घुसने की घटनाएं सामने आई हैं।

 

 

नैनीताल जिले में भी हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। ज्योलिकोट के पास चलती कार पर पहाड़ी से बोल्डर गिर गया। हालांकि कार में सवार हरियाणा के सभी पर्यटक सुरक्षित बताए जा रहे हैं, लेकिन वाहन को नुकसान पहुंचा है। लगातार मलबा और बोल्डर गिरने के कारण हल्द्वानी-नैनीताल हाईवे भी बंद हो गया।

 

 

इसके अलावा मसूरी-देहरादून और थराली-देवाल समेत कई सड़कें बारिश और भूस्खलन की चपेट में आकर प्रभावित हुई हैं। अल्मोड़ा में सड़क का करीब 10 मीटर हिस्सा बह गया है, जबकि पिथौरागढ़ में गदेरे उफान पर हैं।

 

 

नैनीताल में लगातार बारिश और जलभराव के बीच नैनी झील का जलस्तर 88 फीट के पार पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने एहतियातन झील के चैनल खोल दिए हैं। प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और SDRF की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।

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इस बीच केदारघाटी में मौसम में सुधार के बाद दोपहर 12 बजे से केदारनाथ यात्रा को दोबारा शुरू कर दिया गया है। हालांकि प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

 

 

भारी बारिश की आशंका को देखते हुए कई जिलों में स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है। अल्मोड़ा में 2 सितंबर को सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। चंपावत में टनकपुर और बनबसा क्षेत्र को छोड़कर अन्य इलाकों के स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। पिथौरागढ़ और देहरादून में भी कक्षा 1 से 12 तक के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है।

 

 

देहरादून और टिहरी में ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है। देहरादून और टिहरी जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

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वहीं पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल और हरिद्वार जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। कई जिलों में आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की भी संभावना जताई गई है।

 

 

देहरादून में देर रात करीब 1 बजे डालनवाला क्षेत्र के मोहिनी रोड स्थित पुल के पास रिस्पना नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ नजर आया। रात के अंधेरे में नदी का तेज बहाव और उफनता पानी स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ाता दिखा।

 

 

प्रदेश में लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। आपदा प्रभावित इलाकों में प्रशासन और SDRF की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।