उत्तराखण्डकुमाऊं,

चंपावत में इंडेन गैस एजेंसी मैनेजर की मौत के बाद कुमाऊं के 6 जिलों में 49 एजेंसियां बंद, आपूर्ति प्रभावित

चंपावत में इंडेन गैस एजेंसी के प्रबंधक दयाल सिंह रावत की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद कुमाऊं मंडल के छह जिलों में सोमवार को इंडेन गैस एजेंसियों ने एक दिन की तालाबंदी कर दी। बंद का असर चंपावत, बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर जिलों में देखने को मिला, जहां कई स्थानों पर गैस वितरण पूरी तरह ठप रहा और उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।

 

 

जानकारी के अनुसार कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) के तहत संचालित चंपावत गैस एजेंसी के प्रबंधक दयाल सिंह रावत (55) का शव उनके आवास पर मिला। बताया जा रहा है कि उन्होंने जहरीले पदार्थ का सेवन किया था। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में चर्चा है कि वे पिछले कुछ समय से गैस वितरण व्यवस्था को लेकर मानसिक दबाव में थे।

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मामले के बाद कुमाऊं मंडल में आक्रोश फैल गया और 49 इंडेन गैस एजेंसियों के संचालकों ने शोक स्वरूप एक दिन के बंद का ऐलान किया। सोमवार को काशीपुर समेत कई शहरों में एजेंसियों पर ताले लटके रहे। संचालकों का आरोप है कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की ओर से नियमों को लेकर लगातार दबाव बनाया जा रहा है, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा है।

 

काशीपुर गैस एजेंसी के मैनेजर अमित मनराल ने कहा कि गैस बुकिंग और वितरण से जुड़े नियमों में ढील देने की मांग की जा रही है, ताकि कर्मचारियों पर दबाव कम हो सके। वहीं बागेश्वर के प्रबंधक जगदीश खाती ने बताया कि चंपावत मैनेजर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए एजेंसियां बंद रखी गईं।

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अल्मोड़ा में सोमवार को गैस डिलीवरी पूरी तरह बंद रही। गोदाम पर ताला लटका रहा जबकि कुछ समय तक बुकिंग का कार्य जारी रहा। बाद में सर्वर खराब होने का नोटिस चस्पा कर कार्यालय भी बंद कर दिया गया। पिथौरागढ़ में भी सप्लाई वाहन नहीं पहुंचने के कारण वितरण कार्य प्रभावित रहा। धारचूला में सीमित संख्या में ही सिलेंडर वितरित किए गए।

 

कुमाऊं मंडल विकास निगम के जीएम विजय नाथ शुक्ला ने कहा कि मौत के कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं और जांच जारी है। उन्होंने बताया कि कुछ स्थानों पर गलतफहमी के कारण काम प्रभावित हुआ है और स्थिति जल्द सामान्य कर ली जाएगी। उन्होंने काम के दबाव के आरोपों पर कहा कि बिना जांच निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

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दयाल सिंह रावत मूल रूप से ऋषिकेश के रहने वाले थे और चंपावत में पत्नी के साथ रहते थे। उनके दो बेटे हैं, जिनमें एक सेना में और दूसरा दिल्ली में निजी नौकरी करता है। उनकी मौत से परिवार में मातम छाया है।

 

 

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कोतवाल बच्ची सिंह बिष्ट ने बताया कि सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट हो पाएंगे।