देहरादून- धामी सरकार के आश्वासन पर थमी आंगनबाड़ी हड़ताल, मानदेय बढ़ाने पर जल्द हो सकता है बड़ा फैसला

उत्तराखंड में लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और राज्य सरकार के बीच चला आ रहा गतिरोध अब खत्म होता नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से हुई अहम बैठक के बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ती, सेविका और मिनी कर्मचारी संगठन ने अपनी हड़ताल स्थगित करने का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को मानदेय में “सम्मानजनक वृद्धि” का भरोसा दिलाया, जिसके बाद संगठन ने आंदोलन वापस लेने का फैसला लिया।
शनिवार को सचिवालय में हुई बैठक में संगठन की प्रदेश अध्यक्ष रेखा नेगी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी विभिन्न समस्याएं और मांगें रखीं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कर्मियों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों के पोषण, महिला स्वास्थ्य और ग्रामीण स्तर पर सरकारी योजनाओं को सफल बनाने में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए ताकि जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अंतिम पंक्ति में काम करने वाले कर्मचारियों के हितों को लेकर गंभीर है और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
बैठक के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार की ओर से मिला आश्वासन सकारात्मक है और उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही ठोस निर्णय सामने आएगा। इसी भरोसे के साथ फिलहाल हड़ताल स्थगित करने का निर्णय लिया गया है।
केंद्र सरकार से भी मांगी गई सहायता
बैठक में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के सचिव चन्द्रेश कुमार ने जानकारी दी कि आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय में वृद्धि को लेकर राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से भी सहयोग मांगा है। चूंकि योजनाओं में केंद्र और राज्य दोनों की हिस्सेदारी होती है, इसलिए केंद्र से मंजूरी मिलने पर मानदेय में और बेहतर बढ़ोतरी की संभावना बन सकती है।
उन्होंने बताया कि विभागीय स्तर पर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है और इस संबंध में आगे की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। बैठक में मुख्यमंत्री के सचिव शैलेश बगोली और विभागीय निदेशक बी.एल. राणा भी मौजूद रहे।
हड़ताल खत्म होने से योजनाओं को मिलेगी राहत
आंगनबाड़ी कर्मियों की हड़ताल खत्म होने से सरकार और प्रशासन ने राहत की सांस ली है। हड़ताल के कारण कई जिलों में महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाएं प्रभावित हो रही थीं। खासकर बच्चों के पोषण, टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं से जुड़ी सेवाओं पर असर पड़ रहा था।
उत्तराखंड के दूरस्थ और पहाड़ी इलाकों में आंगनबाड़ी केंद्र ग्रामीण महिलाओं और बच्चों के लिए महत्वपूर्ण आधार माने जाते हैं। ऐसे में कार्यकर्ताओं के काम पर लौटने से अब योजनाओं का संचालन फिर सामान्य होने की उम्मीद है।
प्रदेशभर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अब सरकार के अंतिम फैसले का इंतजार है। यदि मानदेय वृद्धि को जल्द मंजूरी मिलती है तो इसे हजारों महिलाओं के लिए बड़ी राहत और जीत माना जाएगा।








