उत्तराखंड में समय से पहले हो सकते हैं विधानसभा चुनाव! भाजपा-कांग्रेस ने तेज की तैयारियां, सियासी गलियारों में चर्चाएं गर्म

देहरादून न्यूज़- उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव तय समय से पहले कराए जाने की संभावनाओं को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन भाजपा संगठन के भीतर जनगणना-2027 को देखते हुए चुनावी कार्यक्रम में बदलाव को लेकर मंथन चल रहा है। इसी बीच भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं, जिससे चुनावी तैयारियों की अटकलों को और बल मिला है।
सूत्रों के अनुसार वर्ष 2027 में प्रस्तावित जनगणना और विधानसभा चुनाव एक ही समय पर होने की स्थिति में प्रशासनिक एवं व्यवस्थागत चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। जनगणना और चुनावी ड्यूटी में बड़ी संख्या में शिक्षक तथा सरकारी कर्मचारी लगाए जाते हैं। ऐसे में दोनों प्रक्रियाओं के एक साथ होने से कार्यभार बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि उत्तराखंड समेत गोवा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में भी विधानसभा चुनाव कुछ महीने पहले कराए जाने पर विचार किया जा रहा है। इन राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त होना है, जबकि जनगणना का कार्यक्रम भी इसी अवधि में प्रस्तावित है।
दिसंबर 2026 में चुनाव कराने पर चर्चा
सूत्रों के मुताबिक उत्तराखंड में चुनाव दिसंबर 2026 तक कराने का सुझाव सामने आया है। इससे चुनावी प्रक्रिया और जनगणना के बीच पर्याप्त अंतराल मिल सकेगा तथा कर्मचारियों को अतिरिक्त दबाव का सामना नहीं करना पड़ेगा। हालांकि इस संबंध में अभी कोई औपचारिक निर्णय नहीं लिया गया है।
मसूरी में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का प्रवास
इसी बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पिछले तीन दिनों से मसूरी में प्रवास पर हैं। उन्होंने स्थानीय पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से हर व्यक्ति तक पहुंच बनाने और चुनावी तैयारियों में सक्रिय रूप से जुटने का आह्वान किया।
नितिन नवीन ने कहा कि किसी भी चुनावी चुनौती में सफलता का आधार मजबूत बूथ प्रबंधन होता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए। बीते 20 दिनों में यह उनका उत्तराखंड का दूसरा दौरा है।
तीसरी बार सत्ता में वापसी की तैयारी में भाजपा
उत्तराखंड में भाजपा लगातार दूसरी बार सत्ता में है और आगामी विधानसभा चुनाव में तीसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ संगठन को मजबूत करने में जुटी हुई है। इसी क्रम में पार्टी ने प्रदेश की सभी 70 विधानसभा सीटों पर कोर कमेटियों का गठन कर दिया है। केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर इन कमेटियों की बैठकों का दौर भी शुरू हो चुका है और बूथ स्तर तक संगठन को सशक्त बनाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
कांग्रेस भी चुनावी मोड में
भाजपा की सक्रियता के बीच मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। कांग्रेस की उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा 17 और 18 जून को दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड आ रही हैं। इस दौरान वह जिलाध्यक्षों, फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारियों और पार्टी नेताओं के साथ वन-टू-वन बैठकें करेंगी।
कांग्रेस संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावी रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश प्रभारी बनने के बाद कुमारी शैलजा की बढ़ी सक्रियता को कांग्रेस हाईकमान की उत्तराखंड पर बढ़ती गंभीरता के रूप में देखा जा रहा है।
अंतिम फैसला चुनाव आयोग के हाथ में
फिलहाल उत्तराखंड में समय से पहले विधानसभा चुनाव कराए जाने की चर्चाएं राजनीतिक हलकों और संगठनात्मक स्तर तक ही सीमित हैं। चुनाव कार्यक्रम में किसी भी बदलाव का अंतिम निर्णय भारत निर्वाचन आयोग और संबंधित संवैधानिक प्रक्रियाओं के तहत ही लिया जाएगा। अभी तक चुनाव की तारीखों को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन दोनों प्रमुख दलों की बढ़ती सक्रियता ने प्रदेश की राजनीति को गर्मा दिया है।








