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धामी सरकार का बड़ा फैसला, ग्रीन हाइड्रोजन नीति समेत 8 प्रस्तावों पर कैबिनेट की मुहर

देहरादून न्यूज़– उत्तराखण्ड सरकार ने राज्य में स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में “उत्तराखण्ड ग्रीन हाइड्रोजन नीति, 2026” के प्रख्यापन को मंजूरी दे दी गई है। इस नीति के लागू होने से राज्य में हरित हाइड्रोजन उत्पादन को गति मिलेगी और उत्तराखण्ड स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा।

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भारत सरकार द्वारा घोषित राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन नीति, 2022 और राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन, 2023 के अनुरूप उत्तराखण्ड सरकार भी ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। ग्रीन हाइड्रोजन को भविष्य का स्वच्छ ईंधन माना जा रहा है, जो कार्बन उत्सर्जन को कम करने और नेट-जीरो लक्ष्य हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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उत्तराखण्ड में जल विद्युत जैसे प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुर उपलब्धता है, जिसका उपयोग हरित हाइड्रोजन उत्पादन के लिए किया जा सकता है। इससे न केवल ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, बल्कि राज्य में निवेश, औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

 

सरकार का मानना है कि इस नीति से ग्रीन हाइड्रोजन के बाजार निर्माण, मांग एकत्रीकरण और औद्योगिक उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही राज्य कार्बन उत्सर्जन रहित विकास की दिशा में आगे बढ़ेगा और जलवायु परिवर्तन से जुड़े राष्ट्रीय व वैश्विक लक्ष्यों में अपना योगदान देगा।

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उत्तराखण्ड सरकार द्वारा लागू की जा रही यह नीति राज्य को भविष्य की स्वच्छ ऊर्जा अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है।