बिंदुखत्ता की बेटी वैशाली रावत ने ITBP में पाई सफलता, 48वीं बटालियन में मिली पहली तैनाती, क्षेत्र में खुशी की लहर

लालकुआं तहसील के बिंदुखत्ता क्षेत्र की होनहार बेटी वैशाली रावत ने इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (ITBP) में चयनित होकर पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार ही नहीं बल्कि पूरे इलाके में खुशी और गर्व का माहौल है। क्षेत्रवासियों ने इसे बेटियों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बताते हुए वैशाली के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
वैशाली रावत, पिता रणजीत रावत एवं माता हेमा देवी की सुपुत्री हैं। उनके दादा पूर्व सैनिक अमर सिंह रावत, दादी गंगा देवी, नानी खष्टी देवी तथा छोटे भाई विनीत रावत सहित पूरा परिवार उनकी कसम परेड में शामिल हुआ। परिवार के सदस्यों ने इसे वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम बताया।
SSC के माध्यम से हुआ चयन
वैशाली का चयन वर्ष 2025 में स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) के माध्यम से ITBP में हुआ। उनका प्रशिक्षण पंचकूला (हरियाणा) में संपन्न हुआ। 17 फरवरी को आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड के बाद उन्हें ITBP की 48वीं बटालियन में बिहार में पहली तैनाती मिली है।
शिक्षा और एनसीसी से मिली प्रेरणा
वैशाली ने हाईस्कूल की परीक्षा चाइल्ड सेक्रेड हाईस्कूल से उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज, बिंदुखेड़ा से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की और इसी दौरान एनसीसी का ‘बी’ प्रमाणपत्र प्राप्त किया। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने एमबीपीजी कॉलेज (MBPG College) में बीए में प्रवेश लिया, जहां उन्होंने एनसीसी का ‘सी’ सर्टिफिकेट भी हासिल किया।
एनसीसी से मिले अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और देशसेवा की भावना ने उन्हें सशस्त्र बलों में जाने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने एसएससी के माध्यम से आवेदन कर कड़ी मेहनत और लगन से यह सफलता अर्जित की।
क्षेत्र के लिए गर्व, बेटियों के लिए प्रेरणा
वैशाली की सफलता ने यह सिद्ध कर दिया है कि दृढ़ संकल्प, निरंतर परिश्रम और सही मार्गदर्शन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। आज वे बिंदुखत्ता क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुकी हैं। उनकी उपलब्धि ने पूरे क्षेत्र में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया है।








